मध्यप्रदेश सरकार ने बेटियों का सम्मान बढ़ाने के लिए एक अहम फैसला लिया है। इसके तहत राज्य सरकार ने आदेश पारित किया है कि मध्यप्रदेश में अब किसी भी सरकारी कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है तो उससे पहले बेटियों की पूजा की जाएगी, जिसके बाद ही कार्यक्रम की शुरुआत होगी। सरकार ने आदेश दिया है कि इसका पालन शासन के समस्त विभाग और जिले अनिवार्य रूप से करें। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के दौरान 15 अगस्त 2020 को इसकी घोषणा की थी।
बता दें कि मध्यप्रदेश में इस तरह का आदेश पहली बार निकला है। शिवराज सिंह की पिछली सरकार में भी बेटियों की पूजा और पैर धोने के साथ कार्यक्रम शुरू किए जाते थे, लेकिन तब ऐसा कोई आदेश नहीं था। इस बार यह व्यवस्था की गई है। अब आने वाले तमाम कार्यक्रम से पहले बेटियों की पूजा होगी और इसकी शुरुआत 25 दिसंबर को पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर होने वाले कार्यक्रमों से हुई। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 2014 में मंत्रालय में कर्मचारियों द्वारा आयोजित किए गए एक कार्यक्रम की शुरुआत कन्या पूजन से की थी।
गौर करने वाली बात यह है कि मध्यप्रदेश सरकार ने बेटियों की पूजा के लिए आदेश तो जारी कर दिया है, लेकिन उनकी सुरक्षा के प्रति ध्यान नहीं दिया जा रहा है। दरअसल, राज्य में महिलाओं के साथ हुए अपराधों का ग्राफ 45 हजार 920 तक पहुंच गया है। पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, यह आंकड़ा जनवरी 2020 से अक्टूबर 2020 तक का है। इन आठ महीनों में 3 हजार 837 महिलाओं के साथ ज्यादती की गई तो 509 महिलाओं की हत्या कर दी गई। राज्य के सभी जिलों में 25 मार्च से 31 मई तक लॉकडाउन जारी रहा। इस दौरान संपत्ति संबंधी अपराधों में तो गिरावट आई, लेकिन महिलाओं के साथ अपराध जारी रहे। इस दौरान ऐसे 11 हजार से ज्यादा अपराध दर्ज किए गए। वर्ष 2019 के दौरान पूरे साल में महिलाओं से ज्यादती के 4675 केस दर्ज किए गए थे।