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Madhya Pradesh: एमपी पुलिस रंगरूटों के लिए शुरू होगा स्वैच्छिक पाठ सत्र, रामचरितमानस से सीखेंगे अनुशासन

Fri, 25 Jul 2025 05:05 AM IST
शुभम कुमार अमर उजाला ब्यूरो

सार

मध्य प्रदेश पुलिस अब अनुशासन और नैतिक मूल्यों की शिक्षा के लिए रामचरितमानस की चौपाइयों का सहारा लेगी। पुलिस प्रशिक्षण शाखा ने राज्य के सभी प्रशिक्षण केंद्रों को निर्देश दिया है कि वे रंगरूटों के लिए स्वैच्छिक रामचरितमानस पाठ सत्र आयोजित करें। अधिकारियों का मानना है कि भगवान राम के जीवन और आदर्शों से प्रेरणा लेकर युवा प्रशिक्षु अधिक अनुशासित और जिम्मेदार बनेंगे।

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मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश पुलिस अब रामचरितमानस की चौपाइयों के पाठ के जरिये अपने रंगरूटों में अनुशासन पैदा करेगी। इसके लिए मध्य प्रदेश पुलिस प्रशिक्षण शाखा ने अपने सभी केंद्रों को प्रशिक्षुओं के लिए रामचरितमानस पाठ सत्र आयोजित करने का निर्देश दिया है। इससे प्रशिक्षुओं को भगवान राम के जीवन से सीख भी मिल सकेगी।
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बता दें कि यह निर्णय तब लिया गया जब कुछ रंगरूटों ने मुख्यालय से संपर्क कर अपने घर के नजदीक स्थित बेस में भेजने की मांग की। एडीजी (प्रशिक्षण) राजा बाबू सिंह ने प्रशिक्षुओं को ऐसी मांग उठाने से रोका। उन्होंने रामचरितमानस से उदाहरण दिए, जिसमें भगवान राम के गुणों और उनके 14 साल के वनवास का वर्णन है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दूसरे धर्मों के रंगरूटों को इन रामचरितमानस पाठ सत्रों में भाग लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा। प्रत्येक प्रशिक्षण केंद्र में यह अभ्यास स्वैच्छिक होगा।  

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सांसद गोविल ने सराहा
भाजपा सांसद और अभिनेता अरुण गोविल ने इस फैसले की सराहना की है। उन्होंने कहा, सामाजिक आचरण के मार्गदर्शन में इस महाकाव्य का बहुत ज्यादा महत्व है। टीवी धारावाहिक रामायण में भगवान राम की भूमिका निभाने वाले गोविल ने कहा, मानस केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है। यह एक उत्कृष्ट मार्गदर्शक और समाजिक सीख का प्रतीक है।

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