मध्यप्रदेश की पर्यटन, संस्कृति और आध्यात्म मंत्री उषा ठाकुर ने रविवार को कहा कि 'रामपथ वन गमन मार्ग' के निर्माण की व्यवहारिकता रिपोर्ट और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने एक करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है।
ठाकुर ने चित्रकूट में उद्यमिता विद्यापीठ में ईको टूरिज्म, मंदाकिनी घाट और रामपथ वन गमन योजना के संबंध में समीक्षा बैठक के दौरान इसकी जानकारी शनिवार को दी। उन्होंने कहा कि रामपथ वन गमन मार्ग का विकास राज्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मार्ग की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करते समय स्थानीय मानस, साधू-संतों, स्थानीय जन-प्रतिनिधियों से राय लेकर पूरी योजना बनाई जाए।कलेक्टर स्वयं हर पंद्रह दिन में संबंधित विभागों की बैठक लेकर प्रगति की समीक्षा करें।
योजना के प्रथम चरण में रामपथ वन गमन मार्ग के निर्माण की व्यवहारिकता रिपोर्ट और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट बनाने के लिए आध्यात्म विभाग ने एक करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। साथ ही प्रथम किश्त के रूप मे 50 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं, जिसकी निविदा आमंत्रित की गई है।
मप्र के इन जिलों से गुजरेगा मार्ग
इस धार्मिक व ऐतिहासक महत्व के मार्ग को तीन चरणों मे पूरा किया जाएगा। पहले चरण में कामदगिरि परिक्रमा, दूसरे चरण में चित्रकूट की 84 कोशी परिक्रमा स्थल और तीसरे चरण में रामपथ वन गमन के अन्य महत्व के स्थलों को विकसित किया जाएगा।
ठाकुर ने कहा कि मध्यप्रदेश के भाग में रामपथ वन गमन के विकास की शुरुआत एक साथ चित्रकूट और अमरकंटक दोनों ओर से की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित रामपथ वन गमन मार्ग चित्रकूट से प्रारंभ होकर सतना, पन्ना, अमानगंज, कटनी, जबलपुर, मण्डला, डिंडोरी और शहडोल होते हुए अमरकंटक में पूर्ण होगा।