मध्य प्रदेश के सीधी जिले में स्थित संजय टाइगर रिजर्व एरिया के बफर जोन में मंगलवार को एक 9 साल की बच्ची को तेंदुए ने अपना शिकार बनाया। लड़की अपनी मां के साथ लकड़ी बीनने जंगल गई थी। इस दौरान तेंदुआ पीछे से आया और 100 मीटर तक घसीटकर ले गया। लड़की की मां और अन्य ग्रामीणों ने पत्थर मारे, शोर मचाया और पीछा भी किया, पर बच्ची को नहीं बचा सके।
मामला संजय टाइगर रिजर्व के बफर जोन में आने वाले मदवास फॉरेस्ट रेंज का है। फॉरेस्ट रेंजर संजीव रंजन ने बताया कि सुबह 8 बजे 9 साल की लवली, निवासी दादरी गांव, अपनी मां और ग्रामीणों के साथ जंगल में लकड़ी बीन रहे थे। तभी अचानक से तेंदुए ने लवली पर हमला कर दिया। इस दौरान मां और बेटी करीब 50 मीटर दूर थे। जब मां ने देखा कि तेंदुए ने बच्ची पर हमला किया है तो उसने पत्थर मारे। शोर मचाया। बाकी ग्रामीणों ने भी शोर मचाया। इस दौरान लड़की को तेंदुआ 100 मीटर दूर तक घसीटकर ले गया और ग्रामीणों के शोर से डरकर भाग गया। तब तक तेंदुए के जबड़े में फंसी होने की वजह से लवली की मौत हो गई। वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर शव पोस्टमार्टम करने भेजा। साथ ही आर्थिक सहायता भी दी गई।
एक हफ्ते पहले आदिवासी महिला भिड़ गई थी तेंदुए से
पिछले हफ्ते भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था। तब एक आदिवासी महिला अपने बच्चे की खातिर तेंदुए से भिड़ गई थी। उसने अपने बेटे को बचाने में कामयाबी हासिल की थी। संजय-डुबरी नेशनल पार्क और टाइगर रिजर्व 1975 में बने थे। संजय-डुबरी टाइगर रिजर्व का हिस्सा है- संजय नेशनल पार्क। सीधी जिले में यह जैव-विविधता के संरक्षण के लिए खास पहचान रखता है।