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चिंता : मध्यप्रदेश में बढ़ा कोरोना का खतरा, मरीजों के लक्षणों में भी आया बदलाव

Sat, 20 Mar 2021 01:42 PM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

  • मध्यप्रदेश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामले
  • इस साल संक्रमण गंभीर लेकिन मृत्युदर कम रहने की संभावना
  • मध्यप्रदेश में बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे शहरों में भी फैल रहा संक्रमण
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भारत में कोरोना मामले - फोटो : PTI
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विस्तार
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देश में कोरोना वायरस का कहर दूसरी लहर पर पहुंच गया है। पिछले कुछ दिनों से देश में कोरोना के रिकॉर्ड मामले सामने आ रहे हैं। वहीं मध्यप्रदेश में भी कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हालांकि जानकारों का कहना है कि इस साल कोरोना वायरस पिछले साल की तुलना में और भी गंभीर हो सकता है लेकिन मृत्युदर कम रहने की संभावना है। 

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जानकारों का कहना है कि इस बार भले ही संक्रमण तेजी से फैले लेकिन वायरस से मृत्युदर कम रहने की संभावना है, जो कि सबके लिए एक राहत की खबर है। स्वास्थ्य जानकारों का मानना है कि इस साल भी कोरोना वायरस पिछले साल की तरह फैलेगा, यानी पिछले साल भी मार्च में संक्रमण की तेजी से फैला था और इस साल भी मार्च में तेजी से मामले सामने आ रहे हैं। 

वहीं पिछले साल की तरह इस साल भी मई-जून में कोरोना के चरम पर पहुंचने की संभावना है और नवंबर-दिसंबर महीने में मामलों में गिरावट देखने को मिलेगी। इधर मध्यप्रदेश में भी कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। मध्यप्रदेश में केवल बड़े शहरों में ही नहीं बल्कि छोटे शहरों में भी कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने माना है कि इस साल टीयर-2 और टीयर-3 वाले शहरों में कोरोना के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं, जबकि पिछले साल केवल बड़े शहरों में ही कोरोना के मामले तेजी से बढ़े थे। 

मरीजों में कोरोना के लक्षणों में आया बदलाव
जानकारों का कहना है कि इस साल एक बात सुनिश्चित है कि कोविड-19 के मरीजों के लक्षण बदल गए हैं। पहले, सांस लेने में परेशानी, गले में इंफेक्शन और बुखार कोरोना के मुख्य लक्षण हुआ करते थे लेकिन अब पेट में दर्द और बुखार मुख्य लक्षण हैं। अब इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि पहले संक्रमित लोग कोरोना से सुरक्षित हैं क्योंकि राज्य में हर महीने ऐसे आठ से दस मामले सामने आ रहे हैं। 

नए वेरिएंट की गंभीरता का कोई सबूत नहीं
जानकारों का कहना है कि इस बात के कोई सबूत नहीं है कि वायरस के वेरिएंट में बदलाव आने की वजह मामलों में इतनी बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि जानकारों ने माना है कि पिछले साल की तरह इस साल भी मार्च में ही कोरोना तेजी से फैल रहा है। हालांकि इस साल देश में टीकाकरण अभियान शुरू हो गया है और गाइडलाइंस में भी कई बदलाव किए गए हैं। 

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