सीएम मोहन यादव, मंत्री विजय शाह और अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी
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ध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के 32वें स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मानवाधिकार के बहाने कांग्रेस पर तीखा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि कांग्रेस शासनकाल में ऐसे लोगों को महिमा मंडित किया गया, जिन्होंने देश को गुलाम बनाकर रखा था। ऐसे लोगों के नाम पर शासन ने मार्गों के नाम तक रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मानवाधिकार का अर्थ सभी को समान अवसर और सम्मान देना है। उन्होंने नक्सलवाद का जिक्र करते हुए कहा कि वोट की राजनीति के कारण कई बार नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई और इससे समाज के सामने बड़ी चुनौतियां खड़ी हुईं।
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'जीयो और जीने दो' का जिक्र
सीएम डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोविड काल के प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने न केवल अपने नागरिकों की जान बचाई, बल्कि दुनिया के देशों को दवाएं उपलब्ध कराईं। उनके मुताबिक इससे 'जीयो और जीने दो' के अधिकार को फिर स्थापित करने का काम हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार इसी संकल्प के साथ हर व्यक्ति को समान अवसर और सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में यह वाक्य आदी काल से चला आ रहा है। हमारे वेद वाक्य में भी यत पिंडे तत ब्रह्मांडे यानी जैसा हमारा शरीर है, वैसा ब्रह्मांड है। जो मुझ में है, वो तुझमें है। उन्होंने कहा कि हमने केवल मनुष्य नहीं, प्रकृति मात्र से वही भाव रखा है। 84 लाख योनियों के साथ हमने इस मानव जीवन को पाया है। इस योनी के बाद फिर दो मार्ग निकलते हैं।
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मानवाधिकार आयोग का 32वां स्थापना दिवस
भोपाल की आरसीव्हीपी नरोन्हा प्रशासन-प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। उन्होंने आयोग की विषय आधारित स्मारिका और डायरी का विमोचन किया। मिशन कर्मयोगी के 'साधना सप्ताह' में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सम्मानित किया।