राजधानी भोपाल में लव जिहाद के मामले में दिल्ली से आई राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम सोमवार को टीआईटी कॉलेज पहुंची और यहां पर पीड़िताओं के शिक्षकों और सिक्योरिटी बात की। इसके बाद 90 क्लब पहुंची और यहां पर निरीक्षण किया। महिला आयोग की टीम के साथ एस-आईटी के अधिकारी भी मौजूद रहे। इसके अलावा टीम ने कमिश्नर ऑफिस में भी लंबी चर्चा की।
तीन पीड़िताओं के बयान किया दर्ज
शाम को राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम ने 3 पीड़िताओं के बयान दर्ज किए। पीड़िताओं को होटल रेडिसन बुलाया गया था। रविवार को एक पीड़िता के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। टीम ने कॉलेज प्रशासन, अधिकारियों और पीड़ित छात्राओं को पढ़ाने वाले स्टाफ से लंबी पूछताछ की। टीम ने कॉलेज परिसर में छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े इंतजामों पर भी विस्तार से जांच की। जांच के दौरान ये पता लगाने की कोशिश की गई कि क्या पीड़ित छात्राओं ने पहले कभी आरोपियों के खिलाफ किसी भी तरह की शिकायत कॉलेज प्रबंधन या संबंधित अधिकारियों से की थी।
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विभाग प्रमुखों से की बात
आयोग की टीम ने कॉलेज स्टाफ और संबंधित विभाग प्रमुखों से अलग-अलग बातचीत कर जानकारी ली। कॉलेज से निकलने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम क्लब-90 रेस्टोरेंट पहुंची। यहां उन्होंने क्लब का जायजा लिया। यहां भी स्टॉफ से विस्तार में चर्चा कर उनकी भूमिका की जांच की गई। टीम ने यहां की व्यवस्था और रूम आदि की जांच की। इसी रेस्टोरेंट में आरोपी पीड़िताओं को ले जाने के बाद गलत काम करते थे। इस बात का खुलासा मुख्य आरोपी फरहान और साहिल ने पुलिस की पूछताछ में किया था।
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शनिवार को भोपाल पहुंची थी टीम
बतादें, महिला आयोग द्वारा गठित तीन लोगों की जांच टीम शनिवार शाम भोपाल पहुंची थी और होटल रेडिसन में केस से संबंधित जानकारी पुलिस अधिकारियों से ली थी। रविवार को जांच टीम मैदानी हकीकत पता करने बागसेवनिया थाने पहुंची। इसके अलावा संबंधित लोगों से भी बातचीत की। तीसरे दिन जांच का केंद्र वह स्थान रहे, जहां इस मामले की भूमिका तैयार की गई थी।