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खरगोन हिंसा: दंगाइयों से हर्जाना वसूलने का दावा, न्यायाधिकरण का गठन किया, तीसरे दिन भी कर्फ्यू जारी रहा

Thu, 14 Apr 2022 01:51 PM IST
देव कश्यप एजेंसी, भोपाल

सार

न्यायाधिकरण का गठन सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति वसूली अधिनियम-2021 के प्रावधानों के तहत किया गया है। अधिसूचना में कहा कि सेवानिवृत्त जिला जज डॉ. शिवकुमार मिश्रा और सेवानिवृत्त सचिव प्रभात पाराशर की अध्यक्षता वाला न्यायाधिकरण तीन माह में काम पूरा करेगा।
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मध्य प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश सरकार ने खरगोन में रामनवमी जुलूस के दौरान हिंसा में शामिल दंगाइयों से नुकसान की वसूली के लिए दो सदस्यीय दावा न्यायाधिकरण का गठन किया है। एक अधिकारी ने बताया कि न्यायाधिकरण के गठन के लिए अधिसूचना जारी कर दी गई है। 

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न्यायाधिकरण का गठन सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति वसूली अधिनियम-2021 के प्रावधानों के तहत किया गया है। अधिसूचना में कहा कि सेवानिवृत्त जिला जज डॉ. शिवकुमार मिश्रा और सेवानिवृत्त सचिव प्रभात पाराशर की अध्यक्षता वाला न्यायाधिकरण तीन माह में काम पूरा करेगा। न्यायाधिकरण ऐसे मामलों में शामिल दंगाइयों से नुकसान की वसूली भी सुनिश्चित करेगा। 
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मध्यप्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बुधवार को कहा कि रामनवमी पर हिंसा के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने आने वाले त्योहारों के लिए सभी जिलों में अलर्ट जारी किया है।

खरगोन में कर्फ्यू जारी, अधिकारियों ने परिवारों के पलायन से इनकार किया
हिंसा प्रभावित खरगोन शहर में बुधवार को तीसरे दिन भी कर्फ्यू जारी रहा। अधिकारियों ने 100 से अधिक परिवारों को शहर से पलायन करने के लिए मजबूर किए जाने संबंधी खबरों को खारिज किया है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज चौरसिया ने कहा कि स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। खरगोन में रविवार को रामनवमी के जुलूस पर पथराव के बाद हुई हिंसा में शामिल होने के आरोप में अब तक लगभग 100 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हिंसा के बाद रविवार शाम को पूरे खरगोन शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि कर्फ्यू तीसरे दिन भी जारी है और केवल चिकित्सा आपात स्थितियों में राहत दी जा रही है।
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भोपाल में मौलवियों द्वारा प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को एक ज्ञापन सौंपा गया था। जिसमें आरोप लगाया गया था कि रामनवमी के जुलूस के दौरान एक मस्जिद की दीवार पर धार्मिक झंडे लगाए गए थे। हालांकि, इसके बारे में पूछे जाने पर चौरसिया ने इनकार करते हुए कहा कि ऐसा कुछ नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि इस मामले में सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर खरगोन की नहीं है। अधिकारी ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।

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