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Karnataka Anti-Conversion Law: मध्य प्रदेश के गृहमंत्री बोले- कांग्रेस का हाथ जिहादियों के साथ

Fri, 16 Jun 2023 03:33 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

कर्नाटक सरकार के धर्मांतरण विरोधी कानून को वापस लेने के फैसले पर मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का हाथ जिहादियों के साथ है। कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। 
 
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नरोत्तम मिश्रा, गृहमंत्री - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार ने भाजपा शासनकाल में बने धर्मांतरण विरोधी कानून को रद्द करने का फैसला किया है। इस पर मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि प्रियंका गांधी और राहुल गांधी को बताना चाहिए कि क्या वह जिहादियों के साथ हैं? कांग्रेस का हाथ जिहादियों के साथ है। कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति कर रही है। 

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कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने भाजपा के शासनकाल के कई फैसले पलट दिए हैं। खासकर धर्मांतरण विरोधी कानून को रद्द करने का फैसला किया है। इस पर भाजपा ने तीखे हमले बोले हैं। मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे कर्नाटक के हैं। यह कांग्रेस का हिडन एजेंडा है। खरगे जी तो कुछ बोलेंगे नहीं। राहुल और प्रियंका को बताना चाहिए कि क्या कांग्रेस का हाथ जिहादियों के साथ है? 

दिग्विजय सिंह वोट कटवाना चाहते हैं या टिकिट
कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उन 60 सीटों पर अपनी रिपोर्ट कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को सौंपी है, जिन पर पार्टी लगातार हार रही है। इस पर डॉ. मिश्रा ने कहा क दिग्विजय सिंह खुद कह चुके हैं कि जहां जाता हूं, वहां हार जाते हैं। दिग्विजय सिंह को यह रिपोर्ट कमलनाथ की जगह हमारे (भाजपा प्रदेश अध्यक्ष) वीडी (शर्मा) भाईसाहब को सौंपनी चाहिए। पता नहीं, इस बार दिग्विजय सिंह वोट कटवाना चाह रहे हैं या फिर टिकिट। 
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कमलनाथ पर भी बरसे नरोत्तम
कमलनाथ ने एक दिन पहले सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को हिदायत दी थी। इस पर डॉ. मिश्रा ने कहा कि कमलनाथ यह पहली बार नहीं कह रहे हैं। वे अधिकारी-कर्मचारियों के साथ गुलामों जैसा व्यवहार करना चाहते हैं। अधिकारी-कर्मचारी सभी पढ़े-लिखे होते हैं। कमलनाथ का बयान निंदनीय है। कोई भी कर्मचारी उनके बयानों से डरने वाला नहीं है। 

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