को खां, बुलडोजर आजकल मिट्टी खोदने से ज्यादा दूसरे काम में ज्यादा आ रिया हे। पेले सरकार ओर पुलिस ने गुंडो बदमाशों को काबू करने, गुनाहगारी के लिए उनको सबक सिखाने के वास्ते इसका इस्तेमाल करा, अब मधपिरदेश में पुलिस ने सुकून से चुनाव कराने खातिर इसका कामयाब इस्तेमाल चालू कर दिया हे। मियां, लग तो रिया हे के इन दिनो सूबे में पुलिस वाले सबसे ज्यादे रिसर्च बुलडोजर पे ई कर रिए हें।
खां, एमपी के चंबल संभाग में बीहड़ वाले इलाके में लोगों की तासीर में चंबल का पानी बोलता हे। जर जरासी बात में बंदूक चल जाना, खून खच्चर हो जाना मामूली बात हे। मगर इस दफे पंचायत ओर शहर सरकार के चुनावों में मुरैना पुलिस ने अनोखा ओर कारगर इंतजाम करा। पुलिस ने लोगों से लायसेंसी हथियार तो रखवा ई लिए, साथ में थानों में एक दर्जन से ज्यादा बुलडोजर खड़े करा दिए। कहीं से खबर आई के कोई ने दंगा करा हे तो तुरंत बुलडोजर मुलजिमों के घरों को ढहाने वास्ते तैयार।
बुलडोजर की दहशत का असर ये रिया कि कहीं कोई गुंडागरदी, मार पीट वगेरे की शिकायत नई आई। बता दें कि मुरैना में पंचायत चुनाव के पहले चरण के मतदान में छह जगह उपदरव हुआ था। इसमें तहसीलदार समेत 6 लोग घायल हो गए थे। इसके बाद जिला पिरशासन ने दूसरे दिन गूंजबधा गांव में तीन आरोपियों के मकान बुलडोजर से तोड़ दिए।याद करें कि किसी जमाने में पुलिस हथियारों अोर लाव लश्कर के साथ दंगे कंट्रोल करने की तैयारी करा करती थी। अब बुलडोजर थानों में तेनात कर देती हे।