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MP News: आखिर कौन है ईरानी गैंग का सरगना राजू, जिसे सूरत में दबोचा गया ?

Sat, 10 Jan 2026 05:57 PM IST
Tarunendra Kumar Chaturvedi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

सूरत पुलिस ने ईरानी गैंग के सरगना और कुख्यात अपराधी राजू ईरानी को गिरफ्तार किया। भोपाल पुलिस की टीम उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। राजू ईरानी पर देशभर में 20 से अधिक अपराध दर्ज हैं और वह अमन कॉलोनी ईरानी डेरे का प्रमुख है।
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राजू ईरानी गिरफ्तार। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी भोपाल के निशातपुरा थाना क्षेत्र स्थित अमन कॉलोनी ईरानी डेरे के सरगना और कुख्यात बदमाश राजू ईरानी को सूरत पुलिस ने गिरफ्तार किया है। राजू ईरानी के खिलाफ 20 से अधिक अपराध दर्ज हैं और वह ईरानी गैंग का प्रमुख सदस्य है।

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भोपाल पुलिस ने 27-28 दिसंबर की दरमियानी रात से अल सुबह तक अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरे पर सैकड़ों पुलिसकर्मियों के साथ छापेमारी की थी। इस दौरान ईरानी गैंग के 34 अपराधियों, जिनमें 10 महिलाएं शामिल थीं, को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार किए गए बदमाश अलग-अलग अपराधों में वांछित थे, वहीं कुछ पर गंभीर अपराध न होने के बावजूद उन्होंने पुलिस पर हमला किया था। निशातपुरा पुलिस ने उन पर मारपीट और शासकीय कार्य में बाधा डालने के विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।

राजू ईरानी के खिलाफ देशभर में दर्ज हैं बीस केस। - फोटो : अमर उजाला
भोपाल पुलिस रिमांड पर करेगी पूछताछ
भोपाल पुलिस के अनुसार, राजू ईरानी के खिलाफ भोपाल सहित देश के कई बड़े शहरों में अलग-अलग अपराध दर्ज हैं। वह नकली पुलिस और सीबीआई अधिकारी बनकर लूट और ठगी कर चुका है। सूरत पुलिस ने शुक्रवार को उसे एक मामले में गिरफ्तार किया। इस सूचना के बाद भोपाल पुलिस की विशेष टीम सूरत के लिए रवाना हो गई है। टीम सूरत पुलिस के साथ पूछताछ करेगी और रिमांड अवधि पूरी होने पर राजू ईरानी को भोपाल लेकर आएगी।

ईरानी गैंग का सरगना राजू ईरानी। - फोटो : अमर उजाला
हो सकते हैं बड़े खुलासे
राजू ईरानी की गिरफ्तारी से ईरानी गैंग द्वारा देशभर में की गई बड़ी वारदातों की कड़ी जोड़ने में मदद मिलेगी। पुलिस के अनुसार लूट और चोरी की वारदातों के बाद अधिकांश बदमाश अमन कॉलोनी ईरानी डेरे में शरण लेते थे, जबकि लूटे गए सामान का वितरण राजू ईरानी ही करता था।
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फर्जी जमानत का खुलासा
28 दिसंबर को हुई छापेमारी में गिरफ्तार 34 आरोपियों में से 14 ने फर्जी जमानत दिलवा ली थी। जांच में सामने आया कि जमानत के लिए फर्जी दस्तावेज का उपयोग किया गया, जिसमें मृतक व्यक्तियों को जमानतदार के रूप में पेश किया गया। पुलिस अब इस फर्जीवाड़े में शामिल लोगों की तलाश कर रही है और जल्द ही उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज होने की संभावना है।

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