मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक
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कैबिनेट ने 2025 की ट्रांसफर (स्थानांतरण) नीति को मंजूरी दी है। 1 मई से 30 मई तक ट्रांसफर की अनुमति दी जाएगी। 30 मई तक ई-ऑफिस में सभी ट्रांसफर लागू होंगे। इसके बाद यदि कोई ट्रांसफर किया तो मान्य नहीं होगा। मंत्री और राज्य के मंत्रियों को ट्रांसफर के अधिकार दिए गए हैं। ट्रांसफर दो आधारों पर होंगे। पहला प्रशासनिक और दूसरा स्वैच्छिक (स्वेच्छा से)। कैबिनेट ने ट्रांसफर की अधिकतम सीमा पदों की संख्या के आधार पर तय की है। इसमें 200 पद तक-20%, 201 से 1000 तक-15%, 1001 से 2000 तक -10%, 2001 से अधिक-5% तक ट्रांसफर हो सकेंगे। स्वैच्छिक तबादले भी ट्रांसफर के लिए तय प्रतिशत सीमा में शामिल रहेंगे, ताकि कुल पदों के हिसाब से तबादलों का प्रतिशत बना रहे। इस दौरान हर विभाग अपने अनुसार नीति बना सकता है, लेकिन उसकी जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग को देनी होगी।
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2000 मेगावॉट के सोलर पार्क और 1000 मेगावॉट के ऊर्जा भंडारण की मंजूरी
कैबिनेट ने राज्य में 2000 मेगावॉट के सोलर पार्क और 1000 मेगावॉट की ऊर्जा भंडारण परियोजना लगाने को मंजूरी दी है। यह परियोजना मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की साझा जरूरतों के अनुसार बनेगी। इस परियोजना से दोनों राज्यों को पृथक-पृथक छः महीनों के लिए बिजली उपलब्ध होगी। इसकी स्थापना मुरैना जिले के आसपास की जाएगी। एमपी में रबी सीजन (अक्टूबर से मार्च) में बिजली की ज्यादा जरूरत होती है, जबकि यूपी में खरीफ सीजन (जून से अक्टूबर) में। इसलिए दोनों राज्यों की बिजली जरूरतें एक-दूसरे की पूरक हैं। इससे बिजली का संतुलित उपयोग होगा।
एकीकृत पेंशन योजना के लिए समिति गठित
सरकार ने 1 जनवरी 2005 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए नई पेंशन योजना (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) लागू करने पर विचार करने के लिए एक समिति बनाई है। समिति में अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल अध्यक्ष, प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी, सचिव लोकेश कुमार जाटव, संचालक बजट तन्वी सुन्द्रियाल, उप सचिव अजय कटेसरिया, सदस्य होंगें। संचालक पेंशन मध्य प्रदेश जेके शर्मा को सदस्य सचिव बनाया गया है। समिति में कुल 6 अधिकारी शामिल हैं और इनके काम में बदलाव या ट्रांसफर की स्थिति में वित्त विभाग के सचिव को बदलाव करने का अधिकार होगा। यह समिति केंद्र सरकार की गाइडलाइन का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट देगी।
साढ़े सात लाख कर्मचारियों को 55 प्रतिशत महंगाई भत्ता
राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स/परिवार पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) की दरों में बढ़ोतरी की है। 1 जुलाई 2024 से डीए में 3% की बढ़ोतरी कर कुल 53% और 1 जनवरी 2025 से 2% की बढ़ोतरी कर कुल 55% कर दिया गया है। जिन कर्मचारियों को छठवां या पांचवां वेतनमान मिलता है, उनके लिए डीए बढ़ोतरी का फैसला अनुपात में लिया जाएगा। बढ़े हुए भत्ते का एरियर (बकाया) जून 2025 से अक्टूबर 2025 तक 5 किश्तों में दिया जाएगा। जो कर्मचारी 1 जनवरी 2024 से 30 सितंबर 2024 के बीच सेवानिवृत्त या मृत हो चुके हैं, उन्हें या उनके परिजनों को एरियर की राशि एक बार में दी जाएगी। पेंशनर्स को 1 मार्च 2025 से सातवें वेतनमान पर 53% और छठवें वेतनमान पर 246% पेंशन राहत दी जाएगी।
पराली जलाने पर होगी कार्रवाई
कैबिनेट ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सख्त निर्णय लिया है। इसके तहत अब पराली जलाने के मामलो पर सरकार सख्त कदम उठाएगी। यदि कोई किसान पराली जलाएगा तो उसको एक साल का मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ नहीं मिलेगा। साथ ही उनकी फसल को समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदा जाएगा।