सीआइएससीई (काउंसिल फार द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन) ने बुधवार को आइसीएसई बोर्ड कक्षा दसवीं और आइएससी बोर्ड कक्षा 12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया। भोपाल में कक्षा में 12वीं पीसीएम (फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथ्स) स्ट्रीम से रिद्धिमा गोहिया ने 99.25 प्रतिशत और आयान खान ने ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम में 99.25 प्रतिशत अंक लाकर टॉप किया है। वंशिका आर्या पीसीएम में 97 प्रतिशत अंक के साथ दूसरे स्थान पर हैं। इसी प्रकार कक्षा दसवीं में जसकीरत कौर ने 98.6 प्रतिशत अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया। युवराज राजपूत 98 प्रतिशत अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहे।उल्लेखनीय है कि राजधानी में सीआइएससीई से संबंद्ध चार निजी स्कूल हैं।
12वीं में विषयवार 100 अंक लाने वाले विद्यार्थी
पालिटिकल साइंस- अयान खान
सोशियोलाजी- आयान खान
फिजिक्स- रिद्धिमा गोहिया
आर्ट- अनन्या जैन
10वीं में विषयवार 100 अंक लाने वाले विद्यार्थी
एचसीजी- युवराज राजपूत
आर्ट- उन्नति गुप्ता
कामर्शियल स्टडीज- कृष्णा गुप्ता, गौतम तिवारी
हिस्ट्री, सिविक्स, जियोग्राफी- जसकीरत कौर, श्रेष्ठी जैन
साइंस- समैरा उप्पल
यह भी पढ़ें-एआईसीसी का नाम बताकर कांग्रेस नेत्रियों को पद देने का लालच, अभद्र भाषा में की बातचीत, पार्टी का अलर्ट
11वीं की तैयारी से मिला फायदा
वंशिका आर्या ने बताया कि 12वीं में अच्छा प्रदर्शन करना है तो जरूरी है कि 11वीं में बेसिक्स पर ज्यादा ध्यान दिया जाए। इसी तरह से मैंने तैयारी की थी।12वीं में बोर्ड के प्रेशर के साथ कई प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव भी रहता है। इसलिए 11वीं में की गई मेहनत से 12वीं में काफी मदद मिलती है। मेरा फेवरेट सब्जेक्ट केमेस्ट्री रहा है। इसके साथ फिजिक्स भी अच्छी लगती है। गणित जरूर ज्यादा पसंद नहीं रहा,लेकिन मैंने परीक्षा के दौरान काफी मेहनत की, जिसका सकारात्मक प्रभाव रिजल्ट में आया। मेरा गोल क्रिएटिव वर्क में अच्छा काम करना है।अब तक मैं नेशनल डिबेट चैम्पियनशिप में सेकेंड प्राइज और दो बार स्टेट डिबेट चैम्पियनशिप जीती है। इसके अलावा नृत्य प्रतियोगिता में भी प्रतिभागिता की है।
यह भी पढ़ें-राष्ट्रीय महिला आयोग की तीन सदस्यीय टीम 3 से 5 मई करेगी भोपाल का दौरा, लव जिहाद मामले में करेगी जांच
अभिभावक और शिक्षकों का बहुत बड़ा योगदान
युवराज राजपूरत ने बताया कि बेहतर रिजल्ट के पीछे अभिभावक औरशिक्षकों का बहुत बड़ा योगदान रहा है।परीक्षा के दौरान सात से आठ घंटे रोजाना पढ़ाई की, यही कारण रहा कि मेरा रिजल्ट बेहतर हो सका।फुटबाल में अंडर 19 नेशनल प्लेयर हूं, इसलिए साल की शुरुआत में पढ़ाई को ज्यादा समय नहीं दे सका था। हालांकि बाद में कवर कर लिया। अब मेरा गोल आइआइटी में पढ़ाई करने का है।इसलिए कक्षा 12वीं में पीसीएम चुनने का फैसला किया है।