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News for Alert: फर्जियों के निशाने पर अब IAS पी नरहरी, भेज रहे फ्रेंड रिक्वेस्ट, मांग रहे कॉन्टेक्ट नंबर

Tue, 24 Sep 2024 06:32 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

प्रदेश के एक सीनियर आईएएस पी नरहरी का नाम भी जुड़ गया है। उनके नाम से बनाई गई फर्जी आईडी से लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जा रही हैं।
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आईएएस पी नरहरी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आधुनिक तकनीकों का बैजा फायदा उठाने वाले अपने पांसे फेंकने से नहीं चूक रहे हैं। कभी किसी राजनीतिक व्यक्ति के नाम का उपयोग तो कभी किसी अधिकारी के नाम को आधार बनाकर अपनी मंशा पूर्ति की कोशिश। इस कड़ी में अब प्रदेश के एक सीनियर आईएएस पी नरहरी का नाम भी जुड़ गया है। उनके नाम से बनाई गई फर्जी आईडी से लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जा रही हैं। मैसेंजर पर चैट कर इनके कॉन्टेक्ट नंबर भी मांगे जा रहे हैं। 

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मप्र शासन में कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभा चुके सीनियर आईएएस पी नरहरी वर्तमान में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख सचिव के पद पर आसीन हैं। सेवाकाल में सैंकड़ों साथी अधिकारी और हजारों मातहत कर्मचारी उनके संपर्क में हैं। बावजूद इसके नरहरी को दोस्ती और दिल की बातें करने के लिए सोशल मीडिया के फेसबुक प्लेटफार्म पर साथी तलाश करने की जरूरत पड़ रही है। उनके नाम से बनाई गई एक आईडी (फर्जी) से लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी जा रही हैं। 

अधकचरी अंग्रेजी
आईएएस पी नरहरी के नाम से भेजी जा रही फ्रेंड रिक्वेस्ट के बाद जुड़ने वाले लोगों से मैसेंजर पर चैट भी की जा रही है। हालांकि इस चैट की भाषा को देखकर ही आसानी से अंदाज लगाया जा सकता है कि इस आईडी को संचालित करने वाले न सिर्फ शरीर दिमाग हैं, बल्कि अधकचरे ज्ञान वाले भी हैं। उनके द्वारा की जा चर्चाओं में अंग्रेजी का बेहद कमजोर प्रदर्शन किया जा रहा है। किसी के हाल जानने के लिए उनका सवाल haw are you... ही उनके अंग्रेजी ज्ञान का परिचायक है।
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कई आ चुके घेरे में 
आईएएस नरहरी की फर्जी आईडी बनाने से पहले भी कई राजनीतिक व्यक्तियों और शासकीय अधिकारियों के नाम से भी ऐसी आईडी बन चुकी हैं। लगातार इस तरह के मामले सुर्खियों में बने हुए हैं।

मंशा पैसा वसूली की
ईमेल, मैसेजेस और सोशल साइट्स की फर्जी आईडी बनाने के पीछे शातिर लोगों की एक ही मंशा है, वे लोगों से अलग अलग तरीकों से पैसा वसूल करना चाहते हैं। ऐसी दर्जनों शिकायतें हर दिन साइबर क्राइम के पास दर्ज हो रही हैं।

एडवाइजरी से जागरूकता की कोशिश
लगातार हो रहे मामलों को देखते हुए साइबर क्राइम द्वारा बार बार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सोशल मीडिया से लेकर अखबारों और टीवी चैनलों पर भी लोगों को ऐसे स्कैम से बचने की सलाह दी जा रही है।

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