मध्यप्रदेश में रविवार रात हुए प्रशासनिक फेरबदल में आईएएस अग्रिम कुमार को जबलपुर नगर निगम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। छिंदवाड़ा में जिला पंचायत सीईओ के रूप में पदस्थ रहने के दौरान उनका नाम ‘वॉश ऑन व्हील्स’ पहल से जुड़ा। इस मॉडल के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों की सफाई और रखरखाव के लिए चलित इकाइयों की सुविधा शुरू की गई। छिंदवाड़ा जिला पंचायत की इस पहल को वर्ष 2025 में इंडिया सैनिटेशन कोएलिशन-फिक्की की ओर से पुरस्कार भी मिला। इस उपलब्धि में जिला प्रशासन, जिला पंचायत की टीम और स्थानीय स्तर पर काम करने वाले स्वच्छता साथियों की भूमिका रही। वहीं, वर्ष 2026 में अग्रिम कुमार को भी इंडिया सैनिटेशन कोएलिशन-फिक्की की ओर से वॉटर, सैनिटेशन एंड हाइजीन (वॉश) चैंपियन पुरस्कार प्रदान किया गया।
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गांवों में मोबाइल इकाइयों से सफाई
‘वॉश ऑन व्हील्स’ की शुरुआत 26 सितंबर 2024 को छिंदवाड़ा की ग्राम पंचायत छिंदी से हुई थी। इस पहल के तहत मोबाइल इकाइयों के जरिए गांवों में घरों के शौचालयों की सफाई और रखरखाव की सुविधा पहुंचाई जाती है। इसका उद्देश्य ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ स्वच्छता साथियों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी है। इस मॉडल को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1 नवंबर 2025 को इसे पूरे मध्यप्रदेश में शुरू किया। इसके अगले चरण में जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकियों की सफाई की पहल भी की गई, जिसे प्रदेशभर में लागू किया जा रहा है।
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अब शहर की व्यवस्था सुधारने की चुनौती
जबलपुर नगर निगम की जिम्मेदारी संभालने के बाद अग्रिम कुमार के सामने शहरी स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी चुनौतियां रहेंगी। शहर में नियमित सफाई, कचरे का समय पर उठाव, जलभराव की समस्या और सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार जैसे मुद्दे अहम होंगे। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता से जुड़े नवाचारों का अनुभव शहरी व्यवस्था को बेहतर बनाने में कितना उपयोगी साबित होता है, इस पर नजर रहेगी।
कौन हैं आईएएस अग्रिम कुमार?
अग्रिम कुमार 2020 बैच के मध्यप्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उनका जन्म 26 अगस्त 1990 को हुआ और वे दिल्ली के रहने वाले हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस में स्नातक की पढ़ाई की और आईआईएम बेंगलुरु से एमबीए की डिग्री हासिल की। छिंदवाड़ा में जिला पंचायत सीईओ के रूप में उनकी पहचान ग्रामीण स्वच्छता के नवाचार से बनी। अब उन्हें जबलपुर नगर निगम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।