मध्य प्रदेश में तेज बारिश का दौर फिलहाल थम गया है। प्रदेश में बारिश कराने वाली कोई मजबूत मौसम गतिविधि सक्रिय नहीं है। बुधवार को ज्यादातर हिस्सों में धूप रही। अगले तीन दिन भी तेज बारिश से राहत के आसार हैं। गुरुवार को किसी भी जिले में भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। शुक्रवार को उमरिया, मंडला, बालाघाट और डिंडौरी में भारी बारिश हो सकती है।
13 सितंबर से फिर बढ़ेगा बारिश का जोर
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, फिलहाल प्रदेश में बारिश के लिए अनुकूल मजबूत गतिविधि नहीं है। पश्चिमी हिस्से में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, लेकिन इसका असर प्रदेश में ज्यादा नहीं है। 13 सितंबर से पश्चिमी मध्यप्रदेश में फिर तेज बारिश का दौर शुरू हो सकता है। बुधवार को ज्यादातर जिलों में मौसम साफ रहा। भोपाल समेत कई शहरों में धूप निकलने से उमस बढ़ी। गुरुवार को भी अधिकांश जगह मौसम ऐसा ही रहने की संभावना है। हालांकि, कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।
32 जिलों में अब भी बारिश की कमी
प्रदेश में सामान्य बारिश 37.3 इंच है, जबकि अब तक करीब 7% कम पानी गिरा है। पिछले सप्ताह हुई अच्छी बारिश से खासकर पूर्वी मध्यप्रदेश की स्थिति में सुधार हुआ है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश का आंकड़ा अब सामान्य के करीब पहुंच गया है। इसके बावजूद बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी समेत कई जिलों में 5 से 25% तक बारिश कम है। पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में यह कमी 7 से 55% तक है।
23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
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जून की कमी अब तक पूरी नहीं
जून में प्रदेश में सामान्य से 14% कम बारिश हुई थी। जुलाई और अगस्त में अच्छी बारिश होने के बावजूद जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। मानसून के दौरान दो बार बारिश का ब्रेक भी आया। अगस्त के आखिरी सप्ताह में हुई तेज बारिश से आंकड़े में सुधार हुआ, लेकिन पूरे प्रदेश में अब भी सामान्य से करीब 7% कम बारिश है।