मध्यप्रदेश के कई जिलों में बीते दो दिनों से भारी बारिश जारी है। राजधानी भोपाल में बीते 54 घंटे से लगातार बारिश जारी है। 24 घंटे में करीब 14 इंच वर्षा हो चुकी है। बारिश के कहर के चलते जनजीवन अस्त व्यस्त है। अति भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर पेड़ धराशायी हो गए हैं। वहीं, कई जगहों पर बिजली की लाइन पर पेड़ों के गिरने और खंभों के टेड़े होने के चलते देर रात से विद्युत आपूर्ति बाधित है। भोपाल के कई हिस्सों में मेजर शटडाउन है। हालांकि बिजली विभाग ने दोपहर दो बजे तक विद्युत आपूर्ति सुचारू रूप से जारी करने की बात कही है। जिले में 12 घंटे में 6 इंच बारिश दर्ज की गई। करीब 150 कॉलोनियों में पानी घुस गया है, जबकि करीब 200 इलाकों में बिजली गुल है। बड़े तालाब में भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण क्रूज का आधा हिस्सा पानी में डूब गया।
भोपाल के लगातार हो रही बारिश से कई कॉलोनियों में जलभराव हुआ है। नरेला विधानसभा के महामाई का बाग एवं ऐशबाग क्षेत्र में फंसे लोगों को नाव से सुरक्षित निकाला गया। मंत्री विश्वास सारंग राहत बचाव कार्य के लिए उतरे। सारंग ने कहा कि नरेला विधानसभा में बने ड्रेनेज सिस्टम के कारण 2008 एवं 2012 बाढ़ की स्थिति निर्मित नहीँ हुई, परंतु लगातार 48 घंटे से हो रही बारिश के चलते नरेला विधानसभा के निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई। नागरिकों को क्षेत्र के स्कूलों में बने राहत शिविरों में पहुंचाया गया। इन स्कूलों में नागरिकों के रहने एवं भोजन की समूचित व्यवस्था की गई है।
भोपाल बारिश से तरबतर। बड़े तालाब में डूबा क्रूज। स्कूलों की छुट्टी। कई इलाकों में पेड़ गिरने से बिजली गुल। कलियासोत, भदभदा डैम के गेट खोले। — Amar Ujala (@AmarUjalaNews)
August 22, 2022 ">http://