फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अतिथि शिक्षकों का बारिश में प्रदर्शन: बोले-अब स्थाई नौकरी का आदेश चाहिए, 2 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन धरना

Sat, 05 Sep 2026 06:24 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल

सार

शिक्षक दिवस पर बारिश के बीच अतिथि शिक्षकों ने भोपाल के शाहजहांनी पार्क में प्रदर्शन किया। संगठन ने सरकार को एक महीने का समय देते हुए कहा कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 2 अक्टूबर से भोपाल में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
अतिथि शिक्षकों का बारिश के बीच विरोध प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भोपाल में शिक्षक दिवस पर शनिवार को बारिश के बीच अतिथि शिक्षकों ने शाहजहांनी पार्क में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। मौसम खराब होने के कारण प्रदर्शन में ज्यादा शिक्षक शामिल नहीं हो सके। संगठन ने उन शिक्षकों से ही भोपाल पहुंचने की अपील की थी, जो बारिश के बावजूद आसानी से आ सकते थे। अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। सरकार को स्थायी रोजगार की नीति बनाकर उसका आदेश जारी करना होगा। वर्षों से स्कूलों में पढ़ा रहे अतिथि शिक्षक आज भी हर सत्र नौकरी को लेकर असमंजस में रहते हैं।
विज्ञापन


18 साल से अस्थायी नौकरी
संगठन के मुताबिक प्रदेश में अतिथि शिक्षक व्यवस्था वर्ष 2008 में शुरू हुई थी। करीब 18 साल बाद भी शिक्षक अंशकालीन व्यवस्था में काम कर रहे हैं। उन्हें स्थायी नौकरी के साथ सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा, अवकाश, चिकित्सा बीमा और महिला अतिथि शिक्षकों के लिए प्रसूति अवकाश जैसी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। परिहार ने कहा कि इतने लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद भी अतिथि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित नहीं है। सरकार को उनके अनुभव को देखते हुए स्थायी रोजगार की स्पष्ट नीति बनानी चाहिए।

यह भी पढ़ें-शिक्षक दिवस पर सीएम का बड़ा ऐलान: एमपी में पहली बार ऑफलाइन होगी टीईटी, डेढ़ लाख शिक्षक देंगे परीक्षा
विज्ञापन



2023 की घोषणाएं अब भी अधूरी
अतिथि शिक्षक संगठन का कहना है कि 2 सितंबर 2023 को भोपाल के लाल परेड मैदान में हुई अतिथि शिक्षक पंचायत में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कई घोषणाएं की थीं। इनमें हर साल अनुबंध, बीच सत्र में नौकरी से नहीं हटाने, गुरुजियों की तरह नीति बनाकर नियमित करने और सीधी भर्ती में बोनस अंक देने की बातें शामिल थीं। संगठन का आरोप है कि तीन साल बाद भी इन घोषणाओं पर ठोस अमल नहीं हुआ है। इसी वजह से अब अतिथि शिक्षक सरकार से नई घोषणा या आश्वासन के बजाय सीधे आदेश की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें-मध्यप्रदेश में फिर झमाझम का अलर्ट: आज 19 जिलों में भारी बारिश, ग्वालियर-चंबल के 6 जिलों में स्कूल बंद


एक महीने का समय, फिर बड़ा आंदोलन
बारिश के कारण शनिवार का प्रदर्शन सांकेतिक रखा गया। संगठन ने सरकार को मांगों पर फैसला लेने के लिए एक महीने का समय दिया है। परिहार ने चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में स्थायी नीति नहीं बनाई गई तो 2 अक्टूबर, गांधी जयंती से भोपाल में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। अब उन्हें हर साल नई अनिश्चितता में काम करने के बजाय नौकरी की स्थायी सुरक्षा चाहिए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें