फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिक्षक अभ्यर्थियों के आंदोलन में दिग्विजय-जीतू की एंट्री: भूख हड़ताल खत्म, धरना जारी, 8 को मंत्री के साथ बैठक

Sat, 05 Sep 2026 05:44 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल में शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग को लेकर 16 दिन से चल रही भूख हड़ताल खत्म हो गई। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आंदोलनकारियों से मुलाकात कर शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से फोन पर बात की।वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी आंदोलन स्थल पहुंचकर सरकार पर निशाना साधा।
विज्ञापन
आंदोलन में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भोपाल में शिक्षक भर्ती में पद वृद्धि की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन ने शनिवार को राजनीतिक रंग ले लिया। नीलम पार्क में 16 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे अभ्यर्थियों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों की मांगें सुनीं और मौके से ही स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह से फोन पर चर्चा की। शिक्षा मंत्री ने बताया कि अभ्यर्थियों की मांगों से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को अवगत कराया जा चुका है। बातचीत के बाद मंगलवार, 8 सितंबर को वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक करने पर सहमति बनी।
विज्ञापन




दिग्विजय सिंह ने जूस पिलाकर खत्म कराया अनशन
बैठक के आश्वासन के बाद दिग्विजय सिंह ने आंदोलनकारियों से कहा कि सरकार के साथ बातचीत का रास्ता खुल गया है। इसके बाद उन्होंने अभ्यर्थियों को जूस पिलाकर भूख हड़ताल खत्म कराई। दिग्विजय सिंह ने कहा कि आगामी बैठक में अभ्यर्थियों की मांगों को सरकार के सामने मजबूती से रखा जाएगा और समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि अभ्यर्थियों का कहना है कि केवल भूख हड़ताल पर विराम लगा है धरना प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक पदों की वृद्धि नहीं हो जाती। 
विज्ञापन


जीतू पटवारी भी पहुंचे, बोले- आप लड़ो, हम साथ खड़े हैं
दिग्विजय सिंह के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी नीलम पार्क पहुंचे। उन्होंने आंदोलन कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों से मुलाकात की और उनकी मांगों का समर्थन किया। पटवारी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि शिक्षक दिवस के मौके पर शिक्षक अभ्यर्थी राजधानी में 16 दिन से भूखे बैठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को लगातार कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा,आप अपनी लड़ाई लड़ो, हम आपके साथ खड़े हैं। मुख्यमंत्री जी, वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाइए और इन अभ्यर्थियों को न्याय दीजिए। पटवारी ने कहा कि त्योहार के समय भी महिला अभ्यर्थी अपने घर नहीं जा सकीं और भूख हड़ताल पर बैठी रहीं। उन्होंने सरकार से तत्काल पद बढ़ाने की मांग की।

8 सितंबर की बैठक पर टिकी नजर
अब आंदोलनकारियों और सरकार के बीच 8 सितंबर को होने वाली बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसमें वर्ग-2 और वर्ग-3 के प्रतिनिधि अपनी मांगें रखेंगे। दिग्विजय सिंह भी अभ्यर्थियों के साथ बैठक में शामिल होंगे।

5,819 पदों पर नियुक्ति का इंतजार
अभ्यर्थियों का कहना है कि उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा-2023 में 8,720 पद विज्ञापित किए गए थे। पहली काउंसलिंग में केवल 2,901 नियुक्तियां हुईं। इसके बाद 5,819 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी। अभ्यर्थियों का कहना है कि लंबे अंतराल के बाद भर्ती आने के कारण कई उम्मीदवार आयु सीमा पार करने की स्थिति में हैं। ऐसे में मौजूदा भर्ती में ही अतिरिक्त पद जोड़कर दूसरी काउंसलिंग शुरू की जानी चाहिए।

वर्ग-2 में 3 हजार और वर्ग-3 में 25 हजार पद की मांग
वर्ग-2 के अभ्यर्थी विषय शिक्षक, खेल, संगीत, नृत्य, गायन और वादन सहित विभिन्न विषयों में कम से कम 3 हजार अतिरिक्त पद स्वीकृत करने की मांग कर रहे हैं।
वर्ग-3 के अभ्यर्थियों की मांग है कि प्राथमिक शिक्षक भर्ती के पद बढ़ाकर 25 हजार किए जाएं और दूसरी काउंसलिंग शुरू की जाए।

यह भी पढ़ें-शिक्षक दिवस पर सीएम का बड़ा ऐलान: एमपी में पहली बार ऑफलाइन होगी टीईटी, डेढ़ लाख शिक्षक देंगे परीक्षा
विज्ञापन


15 हजार स्वीकृत पद मौजूदा भर्ती में जोड़ें
अभ्यर्थियों ने बजट सत्र में स्वीकृत 15 हजार शिक्षक पदों को भी वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने की मांग की है। उनका तर्क है कि ऐसा होने से नई भर्ती और परीक्षा कराने में लगने वाला समय और सरकारी खर्च दोनों बचेंगे। अभ्यर्थियों ने स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग में बड़ी संख्या में रिक्त पद होने का भी हवाला दिया है। उनका कहना है कि रिक्तियों की तुलना में मौजूदा भर्ती में काफी कम पद रखे गए हैं।

मध्य प्रदेश सरकार छात्र हित में शिक्षकों की नियुक्तियां करे
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने आंदोलनरत शिक्षकों की चर्चा करते हुए सोशल मीडिया पर कहा कि प्रदेश के शिक्षक वर्ग-एक, दो और तीन के उम्मीदवार पिछले 15 दिनों से भोपाल में भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन इनकी मांग पर सरकार द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। सरकार ऐसे हालत में यह शिक्षा विरोधी रवैया अपना रही है, जब प्रदेश में बंद होने वाले स्कूलों की संख्या पूरे देश में सबसे ज्यादा है। यही नहीं, प्रदेश में स्कूल ड्राप आउट छात्रों की संख्या 12 लाख से अधिक है। उन्होंने आगे कहा कि वर्ग-1 चयन परीक्षा 2023 के अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले तीन साल से पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती परीक्षा 2023 में 8720 पद स्वीकृत और विज्ञापित किए गए थे, लेकिन पहली काउंसलिंग में केवल 2901 पदों पर नियुक्तियां हुईं। इससे 5819 पद अब भी खाली हैं या उन पर काउंसलिंग नहीं कराई गई है। इसी तरह वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती 2025 के अभ्यर्थियों की मांग है कि वर्ग-2 में कम से कम 10 हजार और वर्ग-3 में 25 हजार पद बढ़ाए जाएं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ कहना है कि जब प्रदेश में इतनी बड़ी संख्या में स्कूल बंद हो रहे हैं और लाखों बच्चे स्कूल छोड़ने को मजबूर हैं, तब यह बिल्कुल साफ है कि प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षकों की आवश्यकता है, इसलिए छात्र हित में अभ्यर्थियों की मांग के अनुसार भर्ती की जाए। प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए नई नियुक्तियां की जाएं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें