अवाडा ग्रुप: 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश
अवाडा ग्रुप के चेयरमैन विनीत मित्तल ने कहा कि हम 2010 से मध्यप्रदेश में निवेश कर रहे हैं। अब एनटीपीसी, एनएचपीसी और अन्य संस्थानों से कई परियोजनाएं प्राप्त कर चुके हैं। हम इन परियोजनाओं को मालवा, बुंदेलखंड और भिंड क्षेत्रों में स्थापित करने जा रहे हैं। हमारी कंपनी अगले 5 वर्षों में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, पंप स्टोरेज और बैटरी स्टोरेज में 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश करने का संकल्प ले चुकी है।
स्विस कंपनियां भारत में 100 बिलियन डॉलर का निवेश
मुंबई स्थित स्विट्जरलैंड के वाणिज्य दूतावास के महावाणिज्य दूत मार्टिन यू. माइयर ने जीआईएस में शामिल होकर कहा कि यह मेरे लिए बेहद रोमांचक है। मैं पहली बार मध्यप्रदेश आया हूं। मैं देखना चाहता हूं कि यहां क्या संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि स्विट्जरलैंड, आइसलैंड, लिचेंस्टाइन और नॉर्वे सहित यूरोपीय फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) देशों ने भारत के साथ व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत अगले 15 वर्षों में भारत में 100 बिलियन डॉलर का निवेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब हमें यह सुनिश्चित करना है कि स्विस कंपनियां भारत आएं और यहां निवेश करें। इस समझौते के तहत भारत और स्विट्जरलैंड के आर्थिक संबंधों को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
गोदरेज इंडस्ट्रीज: प्रदेश में निवेश की जर्नी को आगे बढ़ाएंगे
गोदरेज इंडस्टीज के चेयरमैन नादिर गोदरेज ने कहा कि मध्य प्रदेश से हमें पहले ही समर्थन मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लीड करें और एमपी सक्सीड करें।' उनकी सरकार में बिजनेस रेगुलेशन्स को सरल बनाया गया है, जिससे निवेशकों के लिए राज्य और अधिक आकर्षक बन गया है। उन्होंने बताया कि हमने मालनपुर में साढ़े चार सौ करोड़ का निवेश किया है। अब इसे आगे भी बढ़ाएंगे।
उद्योगों को काफी प्रोत्साहन मिल रहा
आईटीसी के चेयरमैन और एमडी संजीप पुरी ने कहा कि मध्यप्रदेश अपनी रणनीतिक स्थिति और समृद्ध प्राकृतिक संसाधनों से निवेश के लिए उपयुक्त राज्य है। यह एक कृषि प्रधान राज्य है और वर्षों से इस क्षेत्र में जबरदस्त बदलाव देखा गया है। अब हम विभिन्न क्षेत्रों में उद्योगों की बढ़ती उपस्थिति देख रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य एक नए विकास युग में प्रवेश कर रहा है। राज्य सरकार की नीतियों से उद्योगों को काफी प्रोत्साहन मिल रहा है।"
पतंजलि: पांच हजार करोड़ से ज्यादा का निवेश
पतंजलि योगपीठ के संस्थापक आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि पतंजलि मध्य प्रदेश में बहुत काम कर रहा है। जड़ी बूटियों के लिए हम काम कर रहे हैं। किसानों के साथ भी काम कर रही है। पांच लाख टन से जयादा सोया हम प्रदेश से खरीद चुके हैं। इसी तरह एक लाख टन से ज्यादा गेंहू की खरीदी करते हैं। उन्होंने बताया कि पंतजलि प्रदेश में फूड प्रोसेस के लिए पांच हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश करने की योजना बना रहा है। वह एग्रीकल्चर हर्बल के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।
सागर ग्रुप: टेक्सटाइल में ढाई हजार करोड़ का निवेश करेगी
सागर ग्रुप के फाउंडर एवं चेयरमैन सुधीर कुमार अग्रवाल ने कहा कि मध्यप्रदेश में संसाधनों की कोई कमी नहीं है। प्रदेश में निवेश की असीम संभावनाएं हैं। सागर ग्रुप के रूप में हम राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारे निवेश शिक्षा, बुनियादी ढांचे और चिकित्सा सुविधाओं में हो रहे हैं, जिससे राज्य की जनता के जीवन को बेहतर बनाने में मदद मिल रही है। हमारी कंपनी में 50 हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें 60% महिलाएं हैं। हमारा लक्ष्य राज्य की समृद्धि में योगदान देना और सकारात्मक बदलाव लाना है। उन्होंने कहा कि हम टेक्सटाइल क्षेत्र में ढाई हजार करोड़ का निवेश करेंगे। 2030 तक हमारा जो भी टर्नओवर है, उसको तीन गुना करने का प्रयास करेंगे।
एमपी एक आदर्श गंतव्य के रूप में उभरा है
शक्ति पंप्स (इंडिया) लिमिटेड के चेयरमैन दिनेश पाटीदार ने कहा कि भारत के केंद्र में स्थित मध्यप्रदेश निवेश के लिए एक बेहतरीन स्थान है। राज्य सरकार व्यापार अनुकूल नीतियों और आकर्षक प्रोत्साहनों के माध्यम से औद्योगिक विकास को बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ऊर्जा आत्मनिर्भरता और नए रोजगार अवसरों के लिए पूरी तरह तैयार है। मध्यप्रदेश सरकार के प्रयासों और निवेशकों की सकारात्मक सोच से राज्य एक नई ऊंचाई की ओर बढ़ रहा है। जीआईएस-2025 के माध्यम से मध्यप्रदेश निवेशकों के लिए एक आदर्श गंतव्य के रूप में उभर रहा है।