मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और ट्रफ के असर से अगले चार दिन प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर चलेगा। आज पूर्वी मध्य प्रदेश के 17 जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट है। इसके बाद बारिश का सिस्टम धीरे-धीरे प्रदेश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों की ओर बढ़ेगा। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में अब तक 702.9 मिमी यानी 27.7 इंच बारिश हो चुकी है। यह सामान्य बारिश से करीब 3.1 इंच कम है। पूरे मानसून सीजन का सामान्य आंकड़ा 37.3 इंच है। इसे पूरा करने के लिए सितंबर में अभी करीब 9.6 इंच बारिश की जरूरत है। अगले चार दिनों की बारिश से यह अंतर काफी हद तक कम होने की उम्मीद है।
आज दो जिलों में अति भारी बारिश
मौसम विभाग ने उमरिया और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, कटनी, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, मंडला, सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश की चेतावनी है। भोपाल समेत कई अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है।
1 से 4 सितंबर तक ऐसे बदलेगा मौसम
1-2 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज बारिश का असर रहेगा। वहीं 3 सितंबर को भोपाल और ग्वालियर संभाग में भारी बारिश की चेतावनी है। जबकि 4 सितंबर को बारिश का असर उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग तक पहुंच सकता है।
बांधों में बढ़ा जलस्तर, बड़ा तालाब भी फुल होने के करीब
लगातार बारिश से प्रदेश के ज्यादातर बांधों की स्थिति में सुधार हुआ है। कई बड़े जलाशयों में 70 प्रतिशत से ज्यादा पानी पहुंच चुका है। कुछ बांधों के गेट भी खोले गए हैं। हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के कुछ जलाशयों में अभी स्थिति बेहतर होने की जरूरत है। भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट पहुंच गया है। अब यह फुल टैंक लेवल से सिर्फ 0.30 फीट नीचे है। तालाब के पूरी तरह भरने के बाद भदभदा के गेट खोले जा सकते हैं। यहां से छोड़ा गया पानी कलियासोत जलाशय में पहुंचेगा।
39 जिलों में अब भी बारिश का घाटा
प्रदेश में कुल मिलाकर बारिश सामान्य से करीब 10 प्रतिशत कम है। पूर्वी हिस्से में कमी करीब 5 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 15 प्रतिशत तक है। कुल 39 जिलों में 2 से 57 प्रतिशत तक बारिश कम दर्ज हुई है। इनमें जबलपुर, रीवा, सागर, शहडोल संभाग के कई जिले शामिल हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश के भी कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है।
16 जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी
इसके उलट अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, शिवपुरी और निवाड़ी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
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जून की कमी अभी भी बरकरार
इस बार मानसून की शुरुआत कमजोर रही थी। जून में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई। जुलाई और अगस्त में कई बार तेज बारिश के सिस्टम बने और महीने का आंकड़ा सुधरा, लेकिन जून की कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी। इसी वजह से मानसून सीजन में अब तक बारिश सामान्य से करीब 10 प्रतिशत कम है। अब सितंबर की बारिश पर निगाह है। यदि अगले चार दिनों में अनुमान के मुताबिक बारिश होती है, तो प्रदेश सामान्य मानसूनी बारिश के आंकड़े के काफी करीब पहुंच सकता है।