मौका है इस बार, रोज मना त्योहार... की तर्ज पर मतदाता तैयार हैं। अपनी मूलभूत सुविधाओं से लेकर बरसों से लंबित मांगों को पूरा कराने का एक बेहतर मौका उनके हाथ है। मांगें पूरी न होने पर मतदान बहिष्कार के नारे प्रदेशभर से उछलते नजर आ रहे हैं। जहां सत्तारूढ़ पार्टी के प्रत्याशी ऐसे नाराज मतदाताओं को मनाने के लिए ठोस आश्वासन की घुट्टी पिला रहे हैं, वहीं सरकार बनाने की आस रखने वाले भी वादों से पीछे नहीं हट रहे हैं।
बुधवार को मंडला के किसानों ने चुनाव बहिष्कार का ऐलान लहरा दिया। किसानों का आरोप है कि नैनपुरी कृषि उपज मंडी में गेहूं खरीदी के नाम पर उनको परेशान किया जा रहा है। किसानों ने उचित समाधान न मिलने पर 19 अप्रैल को होने वाले मतदान से खुद को अलग रखने का ऐलान कर दिया है। इधर सिवनी के किसानों ने गेहूं खरीदी केंद्र दोबारा शुरू करने की मांग उठाते हुए मतदान बहिष्कार की चेतावनी दे डाली है। करीब तीन चार गांव के नाराज किसान इस बहिष्कार में शामिल हैं।
वोट मांगकर शर्मिंदा न करें
प्रदेश की कमर्शियल कैपिटल इंदौर के राऊ क्षेत्र में लोगों ने वोट मांगकर शर्मिंदा न करें... लिखे पोस्टर लगा दिए हैं। कॉलोनी की ड्रेनेज समेत विभिन्न समस्याओं को सामने रखते हुए क्षेत्रवासियों ने चुनाव बहिष्कार का ऐलान किया है।
बांध विरोध, नहीं करेंगे मतदान
शहडोल जिले में बन रहे बांध को लेकर पूर्व विधायक सहित किसान लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसका विरोध करते हुए किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे और जल समाधि के साथ लोकसभा चुनाव के बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।
घटिया सड़क निर्माण
सिवनी मालवा की कई तहसीलों में प्रधानमंत्री सड़क योजना में हुए घटिया निर्माण का विरोध हो रहा है। इसके चलते ग्रामीणों ने अधिकारियों को ज्ञापन देकर चेतावनी दी है कि निर्माण कार्य को नहीं सुधारा गया तो ग्रामीण मतदान नहीं करेंगे।
प्यासे लोगों की चेतावनी
बैतूल जिले में पानी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने चुनाव का बहिष्कार किया है। ग्रामीण लंबे समय से पानी और सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक समस्या का हल नहीं निकल पाया। जिसकी वजह से गांव वालों ने चुनाव बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
मूलभूत सुविधाओं को तरस रहा राजगढ़
राजगढ़ जिला मुख्यालय की नगरपालिका में लगने वाले बाड़िया गांव के ग्रामीणों ने मतदान के बहिष्कार का ऐलान किया है। राजगढ़ शहरी क्षेत्र में नगरपालिका के वार्ड क्रमांक एक में शामिल बाड़िया गांव के ग्रामीण मूलभूत सुविधा जैसे पानी, सड़क, बिजली, मकान और अन्य सुविधाओं सहित शासन की लाभकारी योजनाओ से वंचित हैं।
रोड़ नहीं तो वोट नहीं
खरगोन और बड़वानी जिले के करीब सात गांव ने सड़क की समस्या को लेकर मतदान से दूर रहने का ऐलान किया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़कों की बदहाली से कई बार गांवों तक एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाती हैं। अव्यवस्था नहीं सुधरी तो चुनाव का बहिष्कार करेंगे।
(भोपाल से खान आशु की रिपोर्ट)