पूर्व प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा 1975 में आज के ही दिन आपातकाल लागू किया गया था। इसे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डार्क डेज ऑफ इमरजेंसी बताया। उन्होंने लिखा कि भारतीय संविधान और लोकतंत्र का गला घोंटकर आपातकाल लागू किया गया था।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को अपने सोशल मीडिया पर आपताकाल को लेकर लिखा कि 1975 में आज के ही दिन भारतीय संविधान और लोकतंत्र का गला घोंटकर आपातकाल लागू किया गया था। आम नागरिक से लेकर प्रेस की अभिव्यक्ति के अधिकार को कुचला गया, प्रत्येक मुखर आवाज पर ताले जड़ दिये गये; जो इस अन्याय के विरुद्ध डटे रहे, उन्हें काल कोठरी के अंधेरों में ठूंसकर चुप कराने का क्रूरतम प्रयास किया गया।
सीएम ने लिखा कि लोकतंत्र के हत्यारों के विरुद्ध लड़ने वाले लोकतंत्र सेनानियों तथा आपातकाल की क्रूर यातनाओं को सहते हुए अपने प्राणों का बलिदान कर देने वाले महान आत्माओं के चरणों में सादर नमन करता हूं। हे मां भारती,आज हम सब एक और संकल्प लेते हैं कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपना सब कुछ समर्पित कर देने वाले महान आत्माओं के सपनों के भारत के निर्माण के लिए अपना सर्वस्व झोंककर कार्य करेंगे।