राजधानी भोपाल में रविवार, 11 अक्टूबर से शुरू हो रहे नवरात्रि उत्सव में मां दुर्गा की आराधना, भव्य मंदिरों की झलक और पौराणिक कथाओं का जीवंत रूप श्रद्धालुओं को अनुभव मिलने वाला है। शहर के प्रमुख दुर्गा पंडालों में तैयारियां अंतिम दौर में हैं। कहीं समुद्र मंथन की कथा को साकार किया जा रहा है तो कहीं गुजरात के सोमनाथ मंदिर और उत्तराखंड के केदारनाथ धाम की भव्य प्रतिकृतियां तैयार हो रही हैं। विट्ठल मार्केट और जंबूरी मैदान के दो बड़े आयोजनों पर ही करीब 1 करोड़ 85 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वहीं, न्यू मार्केट की पौराणिक झांकी भी आकर्षण का केंद्र बनने की तैयारी में है। इस बार दुर्गा उत्सव की खासियत केवल मां दुर्गा की प्रतिमाएं और साज-सज्जा नहीं, बल्कि अलग-अलग धार्मिक स्थलों और पौराणिक प्रसंगों को एक ही शहर में देखने का अवसर भी होगा। कोलकाता से आए कारीगरों की मेहनत से तैयार हो रहे पंडालों में श्रद्धालुओं को मंदिरों की भव्यता और धार्मिक कथाओं की झलक मिलेगी।
न्यू मार्केट में पौराणिक कथा के जरिए दिखेगी समुद्र मंथन की लीला
न्यू मार्केट में इस बार नागेश्वर मंदिर की थीम पर झांकी तैयार की जा रही है। इसमें समुद्र मंथन के पौराणिक प्रसंग को दर्शाने की तैयारी है। धार्मिक कथा से जुड़े पात्रों और दृश्यों को सजावट के जरिए जीवंत रूप दिया जाएगा। मां दुर्गा के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालु यहां पौराणिक प्रसंग की झलक भी देख सकेंगे। हालांकि, न्यू मार्केट की झांकी की कुल लागत और दर्शन के निर्धारित समय की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विट्ठल मार्केट में 1.30 करोड़ रुपये में तैयार हो रहा सोमनाथ मंदिर
विट्ठल मार्केट हाट बाजार में जय मां वैष्णो दुर्गा उत्सव एवं श्री राम रसोई समिति अपने 24वें आयोजन को भव्य रूप दे रही है। यहां करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से बाबा सोमनाथ मंदिर की प्रतिकृति तैयार की जा रही है। निर्माण में कोलकाता से आए 42 कारीगर जुटे हैं और इसे तैयार करने में करीब तीन महीने का समय लग रहा है। इस झांकी में 45 से 48 देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित करने की तैयारी है। भगवान गणेश, सूर्य देव, मंदिर के गर्भगृह और मां दुर्गा के स्वरूप के जरिए धार्मिक वातावरण तैयार किया जाएगा। समिति के संयोजक हरिओम खटीक के अनुसार, झांकी के माध्यम से सोमनाथ मंदिर की भव्यता और धार्मिक महत्ता को प्रदर्शित किया जाएगा।
जंबूरी मैदान में 85 फीट ऊंचा केदारनाथ धाम बनेगा आकर्षण
भेल के जंबूरी मैदान में भोजपाल महोत्सव मेला समिति करीब 55 लाख रुपये की लागत से केदारनाथ धाम की प्रतिकृति बनवा रही है। इसकी ऊंचाई 85 फीट रखी जा रही है। उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थस्थल की झलक देखने के लिए श्रद्धालुओं को राजधानी में ही मंदिर जैसी भव्य संरचना देखने का अवसर मिलेगा। आयोजन की घोषित जानकारी के अनुसार, यहां 11 से 20 अक्टूबर तक प्रवेश निशुल्क रहेगा। जंबूरी मैदान में धार्मिक झांकी के साथ मेले का आकर्षण भी रहेगा। इसी मैदान में 20 अक्टूबर को 111 फीट ऊंचे रावण के दहन का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है।
विजय मार्केट में कैंचीधाम की झांकी भी
राजधानी के विजय मार्केट में भी कैंचीधाम की थीम पर झांकी तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस तरह नवरात्रि के दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों में श्रद्धालुओं को प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों की प्रतिकृतियां देखने का अवसर मिलेगा। हालांकि, विजय मार्केट के आयोजन की लागत और निर्माण से जुड़ी विस्तृत जानकारी की पुष्टि नहीं हो सकी है।
दो बड़े आयोजनों पर 1.85 करोड़ रुपये खर्च
विट्ठल मार्केट में सोमनाथ मंदिर की झांकी पर करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपये और जंबूरी मैदान में केदारनाथ धाम की प्रतिकृति पर करीब 55 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। दोनों आयोजनों की घोषित लागत करीब 1 करोड़ 85 लाख रुपये है। इसमें न्यू मार्केट, विजय मार्केट और शहर के दूसरे पंडालों का खर्च शामिल नहीं है। इसलिए राजधानी के सभी दुर्गा उत्सव आयोजनों की कुल लागत इससे अधिक हो सकती है, लेकिन इसका एकीकृत आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
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नौ दिन भक्ति और उत्सव का माहौल
नवरात्रि के दौरान प्रमुख पंडालों में शाम के समय श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना है। न्यू मार्केट, विट्ठल मार्केट और जंबूरी मैदान इस बार अपनी अलग-अलग थीम के कारण खास रहेंगे। कहीं पौराणिक कथा की प्रस्तुति होगी, कहीं सोमनाथ मंदिर की भव्यता और कहीं केदारनाथ धाम की विशाल प्रतिकृति श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी। दर्शन के लिए निकलने से पहले संबंधित आयोजन समिति से समय और पार्किंग व्यवस्था की जानकारी लेना उपयोगी रहेगा।