मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को लाल परेड मैदान में आयोजित सीएम यूथ कॉन्क्लेव-2026 में युवाओं से सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने युवाओं के सवाल सुने और उनके जवाब दिए। कार्यक्रम को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हालिया छात्र संवाद कार्यक्रम के जवाब के तौर पर भी देखा जा रहा है। हालांकि, कार्यक्रम खत्म होने के बाद युवाओं की प्रतिक्रियाएं अलग-अलग रहीं। किसी ने इसे युवाओं को जोड़ने की अच्छी पहल बताया, तो किसी ने कहा कि शहर की समस्याओं और युवाओं की मूल जरूरतों को पूरा करने का सुझाव दिया।
तकनीकी शिक्षा और स्टार्टअप के स्टॉल पसंद आए
छात्र श्लोक पांडे ने कार्यक्रम को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि लाल परेड मैदान में तकनीकी शिक्षा, स्टार्टअप और युवाओं के नवाचार से जुड़े कई स्टॉल लगाए गए थे। उन्होंने अपना प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री को दिखाया। श्लोक के मुताबिक मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट की सराहना की और युवाओं के नए विचारों को आगे बढ़ाने की बात कही। उन्होंने कहा कि वे कार्यक्रम को राजनीति की नजर से नहीं देखते। युवाओं के हित में जो काम करेगा, युवा उसका समर्थन करेंगे। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री युवाओं के हित में काम कर रहे हैं, इसलिए वे उनके समर्थन में हैं।
रोजगार और पेपर लीक पर लगे रोक
वीएनएस कॉलेज के बीफार्मा छात्र शुभ शुक्ला ने युवाओं की प्राथमिकता रोजगार को बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार मिलना चाहिए और भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक जैसी घटनाएं पूरी तरह रुकनी चाहिए। इसके लिए परीक्षा व्यवस्था में कड़ाई जरूरी है। उन्होंने सुझाव दिया कि लोक सेवा आयोग की परीक्षा साल में एक बार के बजाय दो बार हो। मेडिकल कॉलेजों और आईआईटी जैसे संस्थानों की संख्या बढ़े। सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या और सुविधाएं बढ़ाई जाएं, ताकि वहां पढ़ने वाले बच्चों को भी बेहतर अवसर मिल सकें। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में मध्य प्रदेश को आगे बढ़ाने और युवाओं को बहुराष्ट्रीय कंपनियों में रोजगार के अवसर दिलाने की जरूरत बताई।
योजनाएं नहीं बताईं, बच्चों का समय भी खराब हुआ
छात्रा प्रतीक्षा आर्य ने कार्यक्रम को लेकर कहा कि मुख्यमंत्री युवाओं को जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कार्यक्रम में बच्चों का काफी समय चला गया। उन्होंने कहा कि जुबिन नौटियाल के गाने सुनने और कार्यक्रम में शामिल होने के अलावा युवाओं को कोई खास फायदा नहीं हुआ। उनके मुताबिक भोपाल की कई समस्याएं हैं, लेकिन उन पर कोई ठोस बात नहीं हुई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने कुछ युवाओं के सवालों के जवाब दिए, लेकिन कोई खास योजना नहीं बताई गई। राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम को लेकर प्रतीक्षा ने कहा कि राजनीतिक दल युवाओं को अपने साथ जोड़ने और वोट हासिल करने के लिए ऐसे कार्यक्रम कर रहे हैं। युवाओं के विरोध-प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि अपने हक के लिए आवाज उठाना अच्छी बात है।
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जाति और आय प्रमाण पत्र में देरी का मुद्दा
हमीदिया कॉलेज के छात्र विशेष यादव ने जाति और आय प्रमाण पत्र में देरी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वह करीब छह महीने से अपने दस्तावेज बनवाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन काम नहीं हो पा रहा। उनका आरोप है कि अलग-अलग स्तर पर कमीशन मांगा जाता है। उन्होंने कहा कि छात्र पढ़ाई करने के बजाय कागज बनवाने में परेशान हो रहा है। प्रशासन को बिना कमीशन और तय समय सीमा में काम करना चाहिए।
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युवाओं के सवालों में दिखी अलग-अलग तस्वीर
कॉन्क्लेव के बाद सामने आई प्रतिक्रियाओं से साफ है कि युवाओं की अपेक्षाएं केवल संवाद और मनोरंजन तक सीमित नहीं हैं। एक तरफ कुछ युवाओं को मुख्यमंत्री से सीधे मिलने और अपने नवाचार दिखाने का अवसर पसंद आया, वहीं दूसरी तरफ प्रमाण पत्र, रोजगार, भर्ती परीक्षा, पेपर लीक और शिक्षा जैसी रोजमर्रा की समस्याएं भी प्रमुखता से सामने आईं। विरोध-प्रदर्शनों को लेकर भी युवाओं में अलग-अलग राय दिखाई दी।