कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव की प्रतिक्रिया के बाद अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार और उसके वरिष्ठ नेताओं पर बड़ा हमला बोला है। पटवारी ने दावा किया कि प्रदेश सरकार के खिलाफ सबसे ज्यादा नाराजगी और सवाल खुद भाजपा के भीतर से उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की कार्यशैली से आम जनता ही नहीं, सत्ताधारी दल के नेता और मंत्री भी असहज हैं।
देश आर्थिक संकट और महंगाई से जूझ रहा
जीतू पटवारी ने कहा कि देश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है। उन्होंने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पड़ोसी देशों में पेट्रोलियम पदार्थ सस्ते हैं, जबकि भारत में जनता महंगे दामों पर ईंधन खरीदने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि हर मुद्दे पर विपक्ष और दूसरे देशों को जिम्मेदार ठहराना अब जनता को समझ आने लगा है। आम लोगों के साथ-साथ भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के घरों पर भी महंगाई और आर्थिक संकट का असर दिखाई दे रहा है।
भाजपा के नेता ही सरकार पर लगा रहे गंभीर आरोप
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सरकार पर शराब माफिया, भू-माफिया और भ्रष्टाचार के आरोप विपक्ष नहीं बल्कि भाजपा के नेता ही लगा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कई भाजपा नेता सार्वजनिक रूप से सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा चुके हैं। पटवारी ने कहा कि सत्ता पक्ष के भीतर से उठ रही आवाजें यह साबित करती हैं कि सरकार के कामकाज को लेकर असंतोष गहराता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था बेलगाम हो चुकी है और आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार को कमजोर करने में जुटे भाजपा के बड़े चेहरे
जीतू पटवारी ने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद सिंह पटेल जैसे बड़े नेता भी मौजूदा सरकार से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के भीतर चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। पटवारी के मुताबिक, सत्ता के भीतर जारी यह संघर्ष प्रदेश के विकास और प्रशासनिक कामकाज को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब सरकार के अपने ही नेता अलग-अलग बयान देंगे तो उसका सीधा असर जनता पर पड़ेगा।
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व्यापार समझौते और आर्थिक नीतियां देश के खिलाफ
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर हमला बोलते हुए कहा कि बड़े उद्योगपतियों को लगातार फायदा पहुंचाया जा रहा है, जबकि गरीब और मध्यम वर्ग आर्थिक दबाव में जी रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापार समझौते, रुपए की गिरती स्थिति और बढ़ती संपत्ति असमानता ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की संपत्ति कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित होती जा रही है और गरीब वर्ग लगातार कमजोर हो रहा है।
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मंत्रियों के अधिकारों पर उठाए सवाल
प्रदेश सरकार की समीक्षा व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि जब मंत्रियों को स्वतंत्र रूप से फैसले लेने का अधिकार ही नहीं है तो उनके कार्यों की समीक्षा का क्या मतलब रह जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में प्रशासनिक नियंत्रण पूरी तरह अफसरशाही के हाथों में चला गया है और मंत्री केवल औपचारिक भूमिका निभा रहे हैं। पटवारी ने कहा कि जनता सब देख रही है और आने वाले समय में इसका जवाब भी देगी।