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Cheetah Project: अफ्रीकन चीतों को पसंद आ रही एमपी की आबोहवा, कूनो के बाद 20 नए चीतों का बसेगा नया आशियाना

Thu, 26 Dec 2024 08:32 AM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, श्योपुर/भोपाल

सार

चीतों को लाने की प्रक्रिया में जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने में लगभग दो महीने का समय लगेगा। चीतों को भारत लाने के बाद उन्हें कूनो (श्योपुर) और गांधी सागर अभ्यारण्यों में छोड़ा जाएगा।
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चीता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दक्षिण अफ्रीका से 20 चीतों को लाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इन चीतों में 10 नर और 10 मादा शामिल हैं। इन्हें भारत लाने के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

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वन विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल ने बताया कि साउथ अफ्रीका से 20 चीतों को चिन्हित कर लिया गया है। चीतों को लाने की प्रक्रिया में जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने में लगभग दो महीने का समय लगेगा। चीतों को भारत लाने के बाद उन्हें कूनो नेशनल पार्क और गांधी सागर अभ्यारण्यों में छोड़ा जाएगा। जहां उनकी सुरक्षा और अनुकूलन के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। यह कदम भारत के वन्यजीव पुनर्स्थापन कार्यक्रम को नया आयाम देगा।

चीतों की भारत वापसी से जुड़े तथ्य

  • कुल 20 चीते (10 नर और 10 मादा) चिन्हित।
  • दक्षिण अफ्रीका से भारत लाने की प्रक्रिया शुरू।
  • औपचारिकताओं को पूरा करने में लगेंगे दो महीने। 

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माना जा रहा है कि ये चीते मध्यप्रदेश में अगले छह महीने में आ सकते हैं। मध्यप्रदेश में लाए जाने के बाद इन चीतों को कूनो और गांधी सागर अभ्यारण्य में बड़े बाड़े में रखा जाएगा। यहां की आवोहवा के साथ संतुलन बैठाने के बाद चीतों को रेडियो कॉलर पहनाकर जंगल में छोड़ा जाएगा। वहीं, गांधी सागर अभ्यारण्य में चीतों के शिकार के लिए छोटे जानवरों को छोड़ा जा रहा है। कान्हा नेशनल पार्क से 18 नर और 10 मादा चीतल को पिछले दिनों ही गांधी सागर में छोड़ा गया है। गांधी सागर में 434 हिरण भी छोड़े जा चुके हैं, इसमें 120 नर और 314 मादा हिरण हैं। चीतों के नए आशियाने की व्यवस्थाओं का जायजा केन्या का प्रतिनिधिमंडल पहले ले चुका है।

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