मध्य प्रदेश सरकार सूक्षम, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग इंडस्ट्री के लिए भूमि आवंटन नियमों में बदलाव की तैयारी कर रही है। अब उद्योग विभाग की तरफ एमएसएमई भी ई ऑक्शन से भूमि का आवंटन करेगा। एमएसएमई में अभी तक पहले आओ, पहले पाओ के अनुसार उद्योग लगाने प्लांट का आवंटन होता है। इसको लेकर कई बार पारदर्शिता की कमी की शिकायतें सामने आई है। इसमें अधिकारियों पर चहेतों को जमीन का आवंटन करने के आरोप लगाए गए है। इसके बाद अब विभाग ने ई ऑक्शन के जरिए पारदर्शी तरीके से भूमि का आवंटन करने को लेकर कार्रवाई की है। इससे सरकार को ज्यादा राजस्व मिलने के साथ ही पारदर्शी तरीके से आवंटन होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भूमि आवंटन में पारदर्शिता बढ़ेगी और निवेशकों में सरकार के प्रति विश्वास भी बढ़ेगा। अधिकारियों का कहना हे कि सबकुछ समय अनुसार रहा तो दिसंबर से ई ऑक्शन से एमएसएमई उद्योग लगाने ई ऑक्शन से प्लांट का आवंटन करना शुरू कर देगा।
पहले भी हो चुकी है भूखंडों की ई-नीलामी
एमएसएमई विभाग में भूखंडों का आवंटन मध्य प्रदेश एमएसएमई औद्योगिक भूमि तथा भवन आवंटन एवं प्रबंधन नियम 2021 से शुरू हुआ था, कुछ लोगों ने अधिक बोली लगाकर भूखंड ले लिए, लेकिन उस पर इंडस्ट्री ही स्थापित नहीं की। इसके बाद सरकार ने पहले आओ, पहले पाओ की नई नीति से भूखंड आवंटन शुरू किया। इसमें अधिकारियों पर चेहेतों को भूखंड देने के आरोप लगने लगी। इसकी कई शिकायतें भी सरकार को मिली। अब फिर ई ऑक्शन से मध्यम उद्योग के लिए भूखंड आवंटन की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
पुराने और नए नियमों में अंतर
पुराना नियम: पहले, भूमि आवंटन 'पहले आओ-पहले पाओ' की नीति पर आधारित था, जिससे कई बार विवाद और पारदर्शिता की कमी की शिकायतें सामने आती है।
नया नियम: अब इच्छुक उद्यमियों को भूमि आवंटन के लिए ई-ऑक्शन में भाग लेना होगा, जहां वे ऑनलाइन बोली लगा सकेंगे और पारदर्शी तरीके से भूमि प्राप्त कर सकेंगे। यह प्रक्रिया सभी आवेदकों को समान अवसर प्रदान करेगी, जिससे प्रतिस्पर्धी माहौल बनेगा और योग्य निवेशकों को ही भूमि मिलेगी।
सॉफ्टवेयर में किया जा रहा बदलाव
सूक्षम, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के सचिव नवनीत कोठारी ने बताया कि सॉफ्टवेयर में अब ई ऑक्शन के अनुसार बदलाव किया जा रहा है। दिसंबर में पोर्टल पर ई-ऑक्शन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसमें नए औद्योगिक क्षेत्र के साथ ही लीज निरस्त होने वाले भूखंड का आवंटन किया जाएगा।