डॉ. रश्मी चौधरी
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राजधानी भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) की एक प्रोफेसर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एम्स की ख्याति बढ़ाई है। प्रोफेसर (डॉ.) रश्मी चौधरी को थाईलैंड के बैंकॉक, में कैंसर विज्ञान और थेरेपी पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में व्याख्यान दिया है। वे यहां पर अतिथि वक्ता के रूप में आमंत्रित की गई थीं। सम्मेलन के दौरान डॉ. रश्मी चौधरी ने एम्स भोपाल में सर्वाइकल कैंसर, इसकी शीघ्र पहचान पर किये जा रहे शोध कार्यों को शेयर किया। इसके साथ ही विशेष रूप से भारत की स्क्रीनिंग उपकरण पर किए जा रहे शोध की दी जानकारी।
डॉ. रश्मि ने ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी घातक बीमारी से बचाने के लिए बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग उपकरण पर किए जा रहे अपने शोध कार्य की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि यह शोध कार्य भारत सरकार के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (डीएचआर) के अनुदान-सहायता (जीआईए) के तहत किया जा रहा है। उनके व्यावहारिक योगदान और विचारोत्तेजक व्याख्यान ने सम्मेलन में आए हुए अन्य प्रतिभागियों को नवीन ज्ञान दिया।
विदेश में डॉ. रश्मि के शोध की जमकर हुई प्रशंसा
कार्यक्रम के दौरान प्रो. रश्मी चौधरी द्वारा विकसित उपकरण द्वारा सर्वाइकल कैंसर का शीघ्र पता लगाने की दिशा में किये जा रहे उनके प्रयासों की अत्यधिक सराहना की गई। बता दें कि चौधरी का शोध लंबे समय से चली आ रही चुनौतियों पर नए दृष्टिकोण पेश कर रहा है।
डॉ. रश्मी ने कहा कि एम्स भोपाल के ईडी और सीईओ डॉ. अजय सिंह द्वारा प्रदान किया गया निरंतर प्रोत्साहन और समर्थन वास्तव में इस काम के पीछे एक स्रोत है। डॉ. रश्मी ने कहा कि एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रोफेसर (डॉ.) अजय सिंह संकाय और छात्रों के बीच अकादमिक उत्कृष्टता और ज्ञान-साझाकरण की संस्कृति को सदैव बढ़ावा देते रहते हैं। आपको बता दें कि प्रोफेसर (डॉ.) अजय सिंह के मार्गदर्शन में एम्स भोपाल ने विभिन्न शैक्षणिक मंचों पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। विभिन्न सम्मेलनों और कार्यशालाओं में संकाय सदस्यों की भागीदारी न केवल उनके कौशल को बढ़ाती है बल्कि उन्हें नवीनतम प्रगति के साथ अद्यतन भी रखती है।