राजधानी भोपाल के हाईप्रोफाइल त्विषा शर्मा की मौत का मामला सुनवाई का स्थान बदलने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करते हुए आशंका जताई है कि मामले की आरोपी और त्विषा की सास पूर्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके वकील बेटे समर्थ सिंह भोपाल में अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। सीबीआई ने इसी आधार पर मामले की सुनवाई भोपाल से दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग का समर्थन किया है। मृतका के पिता नवनिधि शर्मा ने निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए पहले ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
सीबीआई की ओर से पुलिस अधीक्षक राजबीर सिंह ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल किया। इसमें बताया गया कि गिरिबाला सिंह भोपाल जिला न्यायालय में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रह चुकी हैं। घटना के समय वह भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग की अध्यक्ष थीं। वहीं, उनके बेटे और त्विषा शर्मा के पति समर्थ सिंह भोपाल में वकालत करते हैं। सीबीआई ने इन परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए आशंका जताई है कि भोपाल में दोनों आरोपियों के प्रभाव के कारण मुकदमे की कार्यवाही और गवाह प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में मामले की सुनवाई दिल्ली स्थानांतरित करना उचित होगा।
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पिता ने उठाए थे निष्पक्ष सुनवाई पर सवाल
त्विषा शर्मा के पिता नवनिधि शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मामले की सुनवाई भोपाल से दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की थी। उनका तर्क था कि भोपाल में कई न्यायिक, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी आरोपियों के परिचित या पारिवारिक मित्र हैं। ऐसे में निष्पक्ष सुनवाई प्रभावित होने की आशंका है। सुप्रीम कोर्ट ने 16 अक्टूबर को याचिका पर सुनवाई करते हुए सीबीआई से जवाब मांगा था। अब सीबीआई ने अपना पक्ष रखते हुए गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका का उल्लेख किया है।
ब्यूटी पार्लर के सीसीटीवी फुटेज का भी जिक्र
सीबीआई ने अपने जवाब में जांच से जुड़े एक घटनाक्रम का भी उल्लेख किया है। एजेंसी के अनुसार, गिरिबाला सिंह ने एक्सप्रेशन ब्यूटी पार्लर में अपने लोगों को भेजकर 12 मई को त्विषा के वहां आने-जाने से संबंधित सीसीटीवी फुटेज प्राप्त किए थे। सीबीआई ने इस तथ्य को भी अपनी दलीलों के संदर्भ में रखा है।
उल्लेखनीय है कि त्विषा शर्मा की 12 मई 2026 की रात भोपाल स्थित उनकी ससुराल बागमुगालिया एक्सटेंशन के निवास में मौत हुई थी। मामले में दहेज प्रताड़ना समेत अन्य आरोपों के तहत कटारा हिल्स थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बाद में 25 मई 2026 को सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ले ली थी। जांच के बाद सीबीआई ने 17 अगस्त को गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया था। अब मामले की सुनवाई भोपाल के बजाय दिल्ली में कराने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट में कार्यवाही आगे बढ़ रही है। सुनवाई का स्थान बदलने पर अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट को करना है।