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विजय शाह पर आज कैबिनेट का फैसला: अभियोजन मंजूरी पर मंथन, 31 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

Tue, 25 Aug 2026 10:26 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल

सार

विजय शाह के कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए विवादित बयान के मामले में आज कैबिनेट अभियोजन मंजूरी पर फैसला करेगी। मंजूरी मिलने पर प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। सुप्रीम कोर्ट 31 अगस्त को मामले की सुनवाई करेगा। इससे पहले अदालत सरकार को कई बार समय दे चुकी है, लेकिन फैसला लंबित रहा।
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मंत्री विजय शाह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह के कर्नल सोफिया कुरैशी पर दिए विवादित बयान के मामले में आज सरकार के सामने बड़ा फैसला है। कैबिनेट बैठक में शाह के खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी देने के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। सरकार की मंजूरी मिलती है तो प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। इसके बाद राज्यपाल की स्वीकृति के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ होगा।मामले में सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई 31 अगस्त को होना है। ऐसे में कैबिनेट के  फैसले पर राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर नजर है।
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एक साल से अटका है अभियोजन का फैसला
विजय शाह के खिलाफ गठित विशेष जांच दल अपनी जांच पूरी कर चुका है। जांच दल ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1)(a) के तहत अभियोजन की अनुमति मांगी है। सरकारी सेवक के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई के लिए सरकार की मंजूरी जरूरी मानी जा रही है। इसी वजह से एसआईटी की रिपोर्ट के बाद भी मामला आगे नहीं बढ़ पाया।

सुप्रीम कोर्ट ने पहले भी लगाई थी फटकार
अभियोजन मंजूरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले ही मध्य प्रदेश सरकार को समय दे चुका है। 19 जनवरी 2026 को अदालत ने सरकार को दो सप्ताह में निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। मई में मामला फिर सामने आया तो फैसला नहीं होने पर कोर्ट ने दोबारा सख्ती दिखाई और चार सप्ताह में अनुपालन रिपोर्ट पेश करने को कहा। लेकिन 23 जुलाई की कार्यालय रिपोर्ट में सामने आया कि 8 मई के आदेश के अनुपालन में अब तक कोई दस्तावेज दाखिल नहीं किया गया था। इससे सरकार की कार्रवाई में देरी का मुद्दा फिर सामने आया।
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मंजूरी नहीं मिली तो भी शाह के खिलाफ रास्ता बंद नहीं
अगर कैबिनेट अभियोजन मंजूरी देने से इनकार करती है, तब भी मामला पूरी तरह खत्म नहीं होगा। शाह के मंत्री पद से हटने की स्थिति में एसआईटी आगे की कार्रवाई कर सकती है और उस समय सरकार की पूर्व अनुमति की जरूरत नहीं होने की स्थिति बन सकती है।

विवादित बयान से शुरू हुआ था मामला
यह मामला 11 मई 2025 को महू के रायकुंडा गांव में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए विवादित बयान से जुड़ा है। बयान को लेकर व्यापक विरोध हुआ था। इसके बाद शाह ने कई बार माफी भी मांगी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी माफी पर कड़ी टिप्पणी की थी। अदालत ने पहले उनकी सार्वजनिक माफी को लेकर असंतोष जताया था और बाद में सुनवाई के दौरान कहा था कि माफी मांगने में काफी देर हो चुकी है।

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आज के फैसले से तय होगी आगे की दिशा
अब कैबिनेट के सामने दो अहम विकल्प हैं अभियोजन मंजूरी देना या प्रस्ताव को मंजूरी नहीं देना। मंजूरी मिलने पर फाइल राज्यपाल के पास जाएगी और उसके बाद सरकार सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपनी स्थिति रखेगी। 31 अगस्त की सुनवाई से पहले आज का कैबिनेट फैसला इस मामले की अगली कानूनी दिशा तय करने वाला माना जा रहा है।

 
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