को खां, अपने एमपी में उमाजी का गजब खेला चल रिया हे। अपना सियासी वजूद बचाने मोहतरमा आजकल नशाबंदी के पीछे पड़ी हुई हें। लोग तो लेहरें उठाने पानी में फत्तर फेंकते हें मगर मोहतरमा सियासी तूफान उठाने दारू की दुकानों पे कभी गोबर तो कभी फत्तर फेंकने में लगी हें। उधर सूबे की शिवराज सरकार हे के पूरे पिरदेश में दारू पर पाबंदी की उमाजी की मांग मानने की जगा पब्लिक दारू ओर आसानी से मुहैया कराने में जुटी हे।
उमाजी भाजपा की बड़ी नेता हें। मधपिरदेश की थोड़े वक्त के लिए मुखमंत्री रे चुकी हें ओर मोदी सरकार में कैबिनेट मंतरी भी रई हें। कभी उनके नाम का डंका बजता था। ये बात अलग हे के पेले उन्होंने भाजपा के आला नेता लाल किशन आडवाणी से खुलेआम पंगा लेकर पार्टी छोड़ी ओर वापस उसी में लोट आईं। मगर अब हाशिए पे हें। लिहाजा वो कुछ ऐसा करने में जुटी हें के मीडिया में सुर्खी मिले ओर काम भी बन जाएं। वो पिरदेश की शिवराजसिंह सरकार पे लगातार दबाव बनाने में लगी हे के पूरे राज्य में शराब बंदी लागू करो। उमाजी की दलील हे के दारू की लत घरों को बरबाद करती हे। ओरतों का इससे बड़ा दुश्मन कोई नई हे। दारू बिकना बंद होगी तो पिरदेश की हजारों ओरतों को सुकून मिलेगा। परिवार बचेंगे। खुशहाली आएगी। उमाजी इसे समाजी मुहिम मानती हें।
अब उमाजी के रई हें के वो नगरीय निकाय ओर पंचायत चुनाव के बाद पूरे पिरदेश में शराब बंदी अभियान छेड़ेंगी। हालांके इस तरा के ऐलान वो तीन दफे पेले भी कर चुकी हें, मगर जमीन पे फत्तर गोबर के अलावा कुछ नजर नई आया। उल्टे दारू की दुकानों में इजाफा होता गया। इन सबसे बेखबर शिवराज सरकार ने पिछले दिनो अपनी नई शराब नीति का ऐलान कर डाला। जिसके तहत शराब अब तकरीबन हर जगा मिलेगी ओर आसानी से मिलेगी। शराबियों ने इसे अपने हक में सरकारी फेसला माना। मेसेज गया के सरकार जन हितेषी फेसले कर रई हे। दारू के मुरीद इस वास्ते भी खुश हें के अब अमीरो को तो घर में ही बार का लायसेंस भी मिल रिया हे। मियां, सरकार की भी मजबूरी हे। केते हें के बूंद-बूंद पानी से घड़ा भरता हे। इधर तो दारू का कतरा-कतरा सरकारी खजाना भर रिया हे। एमपी वाले मस्ती में पी रिए हें ओर पीके जी रिए हें। इसमें कोई को क्या ऐतराज हेगा। बीते माली साल में 9 हजार करोड़ रू. सरकारी खजाने में सिरफ शराब ठेकों से आए। यानी अवाम भी खुश, सरकार भी खुश। अवाम ओर सरकार राजी तो क्या करेगी...। खेर
छोडि़ए मियां, असल सवाल तो ये हे के साध्वी उमा भारती उज्जेन के भेरो बाबा मंदिर में क्या करेंगी, जहां दारू का ई पिरसाद चढ़ता हेगा।
-बतोलेबाज
मार्फतः अजय बोकिल
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