भोपाल में महिला कांग्रेस का प्रदर्शन
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प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराध दुराचार, सामूहिक दुराचार एवं नाबालिग बच्चियों की खरीद फरोख्त की बढ़ती घटनाओं को लेकर कांग्रेस महिला उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ ने मंगलवार को राजधानी में प्रदर्शन किया और सरकार को आईना दिखाने के लिए प्रशासन को आईना भेंट किया। साथ ही तहसीलदार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर महिला अपराध रोकने की मांग की।
प्रदर्शन में प्रकोष्ठ की अध्यक्ष प्रियंका किरार के नेतृत्व में प्रकोष्ठ की पदाधिकारी और अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे। किरार ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है, मासूम बच्चियां और लाडली बहनें खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त
किरार ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार के संरक्षण में दुराचारी भाजपा नेता फल-फूल रहे हैं, जिससे प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। प्रदेश में मासूम बेटियों की खरीद, फरोख्त की जा रही है। उनकी गुमशुदगी की एफआईआर पर पुलिस प्रशासन किसी भी तरह की ठोस कार्रवाई करने में नाकाम है। प्रभावित परिवार न्याय की मांग को लेकर दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
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गुमशुदा बच्चियों को ढूंढा जाए
किरार ने कहा कि मप्र कांग्रेस उत्पीड़न प्रकोष्ठ की मांग है कि मप्र की कानून व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए एवं प्रदेश के सभी गुमशुदा बच्चियों को ढूंढा जाए और अपराधियों को कड़ी सजा दी जाए। वहीं, पुलिस प्रशासन द्वारा विवेचना में आरोपियों को बचाने के चक्कर में ठोस कानूनी कार्रवाई होने से आरोपी कोर्ट से सजा पाने से बच जाते हैं। एमपी में महिला एवं बाल अत्याचार हमेशा से उच्च पायदान पर रहा है।
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बडे़ आंदोलन की चेतावनी
किरार ने कहा कि सरकार का पूरा ध्यान प्रदेश की जनता को भ्रमित करने, रोज नए इवेंट और उसका झूठा प्रचार प्रसार करने में ही रहता है। प्रदेश में माताएं, बहनें और मासूम बेटियां नाकाम सुरक्षा व्यवस्था की शिकार हो रही हैं। मप्र कांग्रेस महिला उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ मांग करता है कि प्रदेश के सभी जिलों में महिलाओं की सुरक्षा के प्रति प्रशासन अपनी जवाबदेही तय करे, अन्यथा मप्र कांग्रेस महिला उत्पीड़न निवारण प्रकोष्ठ को बड़ा जन आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।