स्थाई शिक्षक भर्ती के चयनित शेष भावी शिक्षक
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गुरु पूर्णिमा के पर्व पर जहां प्रदेश सहित देश के गुरुजनों एवं शिक्षकों का सम्मान किया जा रहा था वहीं दूसरी तरफ 2018 की स्थाई शिक्षक भर्ती के चयनित शेष भावी शिक्षक अपनी नियुक्ति के लिए राजधानी भोपाल की सड़कों पर प्रदर्शन करते हुए दिखाई दिए। दरअसल शिक्षक भर्ती 2018 में उपेक्षित रहे विषयों में पद बढ़ाने के साथ माध्यमिक शिक्षक भर्ती के शेष रहे 2,237 व उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती के 5,935 पदों पर तीसरी काउंसलिंग शुरू कराने की मांगों को लेकर 2018 की भर्ती के शेष चयनित अभ्यर्थियों द्वारा 10 जुलाई गुरुपूर्णिमा के दिन भोपाल में प्रदर्शन करते हुए आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय,स्कूल शिक्षा मंत्री एवं जनजाति कार्य मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन पत्र सौंपकर भर्ती को पूर्ण कराने की मांग की है।
अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकार में
शिक्षक पात्रता परीक्षा संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल रविदास,वीरेन्द्र पाटीदार,श्रीकांत द्विवेदी,आज़मा खातून,ललिता पलिया व अन्य अभ्यर्थियों ने कहा है कि सात वर्षों से चल रही 2018 की स्थाई शिक्षक भर्ती अधर में होने के कारण अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकार में बना हुआ है।
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उच्च न्यायालय के आदेश का नहीं हो रहा पालन
आयु सीमा को पार कर रहे इन अभ्यर्थियों ने बताया कि उच्च न्यायालय ने भी कई बार लोक शिक्षण संचालनालय को निर्देश जारी किए हैं कि 2018 की शिक्षक भर्ती को पूर्ण किया जाए उसके बावजूद भी अभी तक स्थाई शिक्षक भर्ती पूर्ण नहीं हुई है।
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पहले कई बार कर लगा चुके हैं गुहार
गौरतलब है कि इन अभ्यार्थियों द्वारा पूर्व में भी कई बार स्कूल शिक्षा मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक आवेदन व ज्ञापन पत्र सौंपे जा चुके हैं, परंतु हर बार इन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। शायद इसलिए गुरु पूर्णिमा के दिन ये अभ्यर्थी विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हुए होंगे। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आखिर कब तक सरकार इन अभ्यर्थियों को न्याय प्रदान करती है.