प्रदेश भर से शिक्षक वर्ग 1 के वेटिंग उम्मीदवार सोमवार को राजधानी भोपाल पहुंचे। जहां उन्होंने अपनी मांगो से संबंधित नारे लगाते हुए रानी कमलापति रेलवे स्टेशन से लोक शिक्षण संचालनालय गौतम नगर तक दंडवत मार्च निकाला। इस दौरान पुरुष एवं महिला उम्मीदवारों ने करीब 3 किलोमीटर की यात्रा जमीन पर लेटकर पूरी की। शिक्षक भर्ती 2023 की दूसरी काउंसलिंग में ये उम्मीदवार 20 हजार पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। महिला उम्मीदवारों ने कहा है कि अगर मांगे नहीं मानी तो सीएम के क्षेत्र उज्जैन में मुंडन कराएंगी। इधर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी उम्मीदवारों का समर्थन किया है।
डीपीआई तक तैनात रहा पुलिस बल
वेटिंग अभ्यर्थियों के राजधानी में प्रदर्शन को लेकर पुलिस को पहले से ही जानकारी मिल गई थी। ऐसे में रानी कमलापति रेलवे स्टेशन में भारी पुलिस बल मौजूद था। जब वेटिंग अभ्यर्थियों ने यहां से नारेबाजी और दंडवत मार्च किया, तो पुलिसकर्मी भी इनके आगे और पीछे साथ चलते हुए डीपीआई तक आए। वहीं डीपीआई पर सुबह 10 बजे से ही पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई थी।
हो जाएंगे ओवर एज
प्रदेश भर से आए अभ्यर्थियों का कहना था, कि यदि सरकार वर्ग 1 में पदों की संख्या नहीं बढ़ाती तो हमं अब नौकरी नहीं मिल पाएगी। इसका कारण 40 प्रतिशत वेटिंग अभ्यर्थियों का ओवर एज होना है। अभ्यर्थियों ने बताया कि अब तक वर्ग में पदों की वृद्धि के लिए स्कूल शिक्षा मंत्री समेत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन वहां से कोई संतोष जनक आश्वासन नहीं मिला। जिसके कारण आज प्रदेशभर के वेटिंग उममीदवारों को भोपाल में एकत्रित होना पड़ा।
16 विषयों के 20 हजार पदों की वृद्धि
वेटिंग शिक्षक संघ के मनोज दंडोतिया ने बताया कि वर्ग एक के रोस्टर में करीब 45 प्रतिशत पद बैकलाग के हैं. ऐसे में नए पदों के लिए संख्या कम बचती है। दंडोतिया ने बताया कि यदि सभी विषयों के श्रेणीवार पदों की बात करें, तो नए पदों में 6 से 8 पद ही आवंटित हो पा रहे हैं। इस कारण अच्छे नंबर लाने के बाद अभ्यर्थियों को मौका नहीं मिल रहा है। इनका कहना है कि कई वर्षों से नौकरी की तैयारी के बाद अब अंतिम पड़ाव तक पहुंच गए हैं। ऐसे में हमारी मांग है कि सरकार 16 विषयों के 20 हजार नए पदों पर वेटिंग उम्मीदवारों की नियुक्ति करे।
केवल 5052 पदों पर होनी है भर्ती
उम्मीदवारों ने बताया कि साल 2018 के पांच साल बाद 2023 में शिक्षक भर्ती वर्ग 1 की परीक्षा कराई गई। इसमें आने वाले अभ्यर्थी 2-2 परीक्षाएं पास करके आए हैं। एक पात्रता परीक्षा और दूसरी चयन परीक्षा. वहीं साल 2018 की भर्ती में 15000 से अधिक अभ्यर्थियों को सीधा 2023 की चयन परीक्षा में शमिल किया गया था। जिसमें 16 विषयों एवं सभी वर्गों के लिए नवीन पदों की संख्या 5052 है, जो उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के हिसाब से काफी कम है।
नारी अस्मिता से खिलवाड़ बंद करे सरकार
इधर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट एक्स पर लिखा है कि नारी अस्मिता से खिलवाड़ बंद करे सरकार। उन्होंने आगे लिखा कि मध्यप्रदेश सरकार युवाओं से नौकरी के कितने भी वादे करे, पर असलियत उन दावों के विपरीत है। इसका प्रमाण है वर्ग-1 शिक्षकों के खाली पदों पर भर्ती। शिक्षक (वर्ग 1) के स्वीकृत पद 36837 में से 21451 पद खाली हैं। इसके बावजूद भर्ती सिर्फ 8720 पदों पर विषयवार हो रही, भर्ती में 3668 बैकलॉग पद हैं।नेता प्रतिपक्ष ने आगे लिखा कि इस भर्ती प्रक्रिया में स्कूल शिक्षा विभाग के 7591 और ट्राइबल डिपार्टमेंट के 1129 पद शामिल हैं। फिलहाल सरकार पदवृद्धि पर कोई फैसला नहीं कर रही। उन्होंने लिखा कि यदि सरकार ने इस मामले में कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया, तो आज शाम तक महिला कैंडिडेट्स भोपाल में अपना सिर मुंडवाकर सरकार को चेताएगी।
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को चेताया और कहा कि एक महिला के केश उसकी आबरू और सम्मान का प्रतीक है।