भोपाल के कमला नगर क्षेत्र में एक और दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक एएसआई ने खुदकुशी कर ली। शुक्रवार को एएसआई अनिल नागोराव हेड़ाऊ (55) का शव उनके घर के सामने बने गैराज में फांसी पर लटका हुआ पाया गया। मृतक के पास एक सुसाइड नोट भी मिला है। उसमें उन्होंने अपने आत्महत्या के कदम के पीछे कर्ज और आर्थिक तनाव का जिक्र किया है।
सुसाइड नोट में आर्थिक दबाव का जिक्र
मृतक ने अपने सुसाइड नोट में स्पष्ट रूप से लिखा कि वह कर्ज के भारी बोझ और अपने परिवार की जिम्मेदारियों के कारण मानसिक तनाव में थे। उनके ऊपर घर के कर्ज की किश्त, बेटी की पढ़ाई के खर्च और अन्य घरेलू खर्चे थे, जो उनके वेतन से कहीं अधिक हो गए थे। यह दबाव उनके लिए सहन करना मुश्किल हो गया, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया।
पुलिस का बयान और जांच प्रक्रिया
पुलिस के अनुसार, अनिल नागोराव मूलतः महाराष्ट्र के रहने वाले थे। वह भोपाल में जहांगीराबाद स्थित एमटी पूल शाखा में एएसआई के पद पर कार्यरत थे। वह परिवार के साथ 25वीं बटालियन स्थित सीपीएमटी पूल क्वार्टर में रहते थे। शुक्रवार शाम को, जब उनकी बेटी ने गैराज का दरवाजा खोला, तो उसने अपने पिता को फांसी पर लटके हुए देखा। इसके बाद, बेटी की चीख सुनकर आस-पास के लोग दौड़े और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पारिवारिक दबाव और तनाव
मृतक के परिवार के अनुसार, अनिल के पास होमलोन और अन्य लोन थे, जिनकी किश्तों को चुकाने में वह कठिनाई महसूस कर रहे थे। इसके अलावा, उनकी बेटी की शिक्षा और घर के अन्य खर्चों को लेकर भी वे परेशान थे। इन सभी जिम्मेदारियों ने उन्हें मानसिक रूप से इतना अधिक दबा दिया था कि उन्होंने आत्महत्या का कठोर कदम उठाया।
अनिल नागोराव के परिवार और उनके करीबी जानने वालों का कहना है कि वह एक बहुत ही संवेदनशील और जिम्मेदार व्यक्ति थे। लेकिन वित्तीय दबाव ने उन्हें इस गहरे संकट में डाल दिया। पुलिस ने सुसाइड नोट को जब्त कर लिया है और इस मामले में मर्ग कायम कर दिया है। आगे की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस आत्महत्या के पीछे और क्या कारण रहे, लेकिन इस घटना ने वित्तीय तनाव और कर्ज की समस्या को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।