भोपाल में तीन दिन की लगातार बारिश ने शहर की सड़कों की हालत बेहाल कर दी है। मुख्य मार्गों से लेकर अंदरूनी सड़कों तक कई जगह डामर उखड़ गया है और बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। बारिश का पानी भरने से इन गड्ढों की गहराई दिखाई नहीं दे रही। ऐसे में दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति ज्यादा खतरनाक हो गई है।
गड्ढे में गिरी बाइक, फिसलने से एजाज का पैर टूटा
खराब सड़क का खामियाजा पॉलिटेक्निक क्षेत्र में रहने वाले एजाज को भुगतना पड़ा। एजाज ने बताया कि वह बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान सड़क पर बने गड्ढे में बाइक गिर गई। गड्ढे में बाइक गिरने के बाद फिसलने से उनका पैर टूट गया। इलाज कराने के बाद वे अस्पताल से लौटे हैं। एजाज के मुताबिक डिपो चौराहे से भदभदा तक सड़क की हालत बेहद खराब है। न्यू मार्केट से जवाहर चौक तक भी जगह-जगह बड़े गड्ढे हैं। उनका कहना है कि सड़क पर चलते समय गड्ढों से बचना मुश्किल हो रहा है और यही हादसों की वजह बन रहे हैं।
इन इलाकों में सड़कें ज्यादा खराब
- ओल्ड सिटी में सिंधी कॉलोनी के पास
- भाजपा कार्यालय और हबीबगंज के आसपास
- ई-4 अरेरा कॉलोनी क्षेत्र
- अंबेडकर फ्लाईओवर की सड़क
- आयकर भवन के पास
- न्यू मार्केट-जवाहर चौक क्षेत्र
- डिपो चौराहा से भदभदा तक
मेट्रो मार्ग पर दो फीट तक के गड्ढे
प्रभात चौराहा से रत्नागिरी तक मेट्रो परियोजना वाली लेन पहले से खराब थी। तीन दिन की बारिश के बाद कई जगह दो-दो फीट तक गहरे गड्ढे हो गए हैं। पानी भरने से वाहन चालकों को इनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पा रहा है। एमपी नगर में मेट्रो स्टेशन के नीचे करीब 50 मीटर हिस्से में सड़क की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ गई है। यहां से निकलने वाले वाहन चालकों को बेहद सावधानी बरतनी पड़ रही है।
बैरसिया रोड से करोंद तक कई हिस्से खराब
सिंधी कॉलोनी चौराहे से डीआईजी बंगला चौराहा, नबीबाग से करोंद चौराहा और कृषि उपज मंडी की ओर जाने वाले मार्ग पर भी कई जगह सड़क खराब हो गई है। बारिश के पानी और गड्ढों के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है। इसी तरह डिपो चौराहा से भदभदा चौराहा, पुल बोगदा के पास करतार कॉम्पलेक्स से प्रभात चौराहा और डीआरएम चौराहा से एम्स तक की सड़कें भी खराब स्थिति में हैं। ये प्रमुख मार्ग लोक निर्माण विभाग के अधीन आते हैं।
अंदरूनी सड़कों पर भी गड्ढों की भरमार
नगर निगम के अधीन आने वाली सड़कों पर भी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। अशोका गार्डन थाना से सेमरा, ऐशबाग स्टेडियम के सामने, अशोका गार्डन नवाब होटल से सेमरा जोड़ और करोंद हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में कई जगह सड़कें खराब हो गई हैं।
गड्ढों में पानी भरने से दोहरा खतरा
बारिश के बाद सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को यह पता नहीं चल पाता कि गड्ढा कितना गहरा है। अचानक बाइक या स्कूटर गड्ढे में जाने से संतुलन बिगड़ सकता है। वहीं बड़े गड्ढों से बचने के लिए वाहन चालक अचानक दिशा बदलते हैं, जिससे दूसरे वाहनों से टक्कर का खतरा भी बढ़ जाता है।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार 8 करोड़ से पेंचवर्क
शहरवासियों को अब गड्ढों से राहत के लिए नवंबर तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नगर निगम ने खराब सड़कों पर पेंचवर्क के लिए 8 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। जल्द ही बड़े गड्ढों को भरने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की अस्थायी मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा। बारिश के कारण फिलहाल पेंचवर्क से सड़कों को चलने लायक बनाया जाएगा। स्थायी और व्यापक सुधार का काम बारिश का दौर खत्म होने के बाद किया जाएगा। इसके लिए 15 अगस्त के बाद सर्वे शुरू होगा। सितंबर तक खराब सड़कों को चिह्नित कर मरम्मत से जुड़ी फाइलें तैयार की जाएंगी। स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नवंबर में व्यापक सुधार कार्य शुरू होगा।
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हर साल सड़क सुधार पर 150 से 200 करोड़ खर्च
भोपाल में सड़क निर्माण, मरम्मत और रखरखाव पर नगर निगम, लोक निर्माण विभाग और अन्य एजेंसियों के माध्यम से हर साल औसतन 150 से 200 करोड़ रुपए खर्च होने की जानकारी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में नगर निगम ने सड़कों के सुधार और मरम्मत के लिए 30 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। इसके अलावा शहर के 85 वार्डों को 50-50 लाख रुपए की वार्ड नियोजन निधि दी गई है। यह राशि करीब 42.5 करोड़ रुपए होती है। दुर्घटना संभावित स्थानों के सुधार और सड़क के पुनर्गठन के लिए 6.9 करोड़ रुपए का अलग प्रावधान है। वहीं सुभाष नगर से एम्स तक मेट्रो मार्ग के जर्जर हिस्सों के तत्काल सुधार के लिए 2 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इसके अलावा राज्य बजट में भोपाल शहर और आसपास के क्षेत्रों के लिए 18 नई मुख्य सड़कों को मंजूरी दी गई है। इन पर करीब 143.4 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।