राजधानी भोपाल से सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में 3 करोड़ 45 लाख रुपये लागत के अत्याधुनिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी उपकरण लगाने की स्वीकृति दी गई है। इनमें एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (EUS), एसोफेजियल मैनोमेट्री, पीएच मैट्री और ब्रीथ एनालाइज़र जैसी तकनीकें शामिल हैं। खास बात यह है कि इस तरह की आधुनिक सुविधाएं किसी भी सरकारी अस्पताल में पहली बार उपलब्ध कराई गई हैं। इन नवीन उपकरणों की मदद से पाचन तंत्र की गंभीर बीमारियों की सटीक और त्वरित पहचान संभव हो सकेगी। अब मध्य प्रदेश के मरीजों को उन्नत और सटीक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी उपचार के लिए अन्य राज्यों या निजी अस्पतालों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
जिला अस्पतालों में भी लगेंगे आधुनिक उपकरण
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि गांधी मेडिकल कॉलेज और हमीदिया अस्पताल में अत्याधुनिक गैस्ट्रोएंटरोलॉजी उपकरणों की स्थापना एक महत्वपूर्ण कदम है। हमारा लक्ष्य है कि शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों को अत्याधुनिक उपकरणों और उन्नत चिकित्सा सेवाओं से सुसज्जित किया जाए। राज्य के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवा प्राप्त हो सके। शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों को भी ऐसे उन्नत उपकरणों से लैस करने की योजना पर कार्य कर रही है। उन्होंने चिकित्सकों से इन सुविधाओं का उपयोग कर राज्य के नागरिकों को श्रेष्ठ चिकित्सा सुविधा प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
जाने इन मशीनों से क्या होगी जांच
1• एंडोस्कोपिक अल्ट्रासाउंड (EUS): पेट और आंतों की गहराई से जांच कर कैंसर, पैंक्रियास की बीमारियों और अन्य गंभीर समस्याओं का जल्द पता लगाने में मदद करता है।
2• एसोफेजियल मैनोमेट्री: निगलने में होने वाली समस्याओं के सही निदान में सहायक।
3• पीएच मैट्री: एसिडिटी और रिफ्लक्स से जुड़ी बीमारियों के सटीक निदान के लिए उपयोगी।
4• ब्रीथ एनालाइज़र: एक दर्द-रहित जांच जो आंतों में बैक्टीरिया की अधिकता और लैक्टोज असहिष्णुता जैसी समस्याओं का पता लगाने में मदद करता है।