राजधानी भोपाल के दो बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया और एम्स में रोबोटिक सर्जरी करने की कवायद चल रही है। स्वीकृति मिलने के बाद एम्स भोपाल में इसे लेकर तैयारी तेज हो गई है। एम्स प्रबंधन अस्पताल में जल्द से जल्द सर्जरी शुरू करने का दावा कर रहा है। वहीं हमीदिया अस्पताल में स्वीकृति के एक साल बाद भी रोबोटिक सर्जरी शुरू नहीं हो पाई है। हमीदिया में रोबोटिक सर्जरी लिए 35 करोड़ रुपए बजट भी मिल चुका है। लेकिन इस यूनिट को अभी तक तैयार नहीं किया जा सका है। एम्स के चिकित्सकों का कहना है कि यह एक कंप्यूटराइज्ड तकनीक है, जो डॉक्टर के सहायक के रूप में काम करती है।
प्रदेश का पहला अस्तपल बन सकता है एम्स
एम्स में रोबोटिक सर्जरी शुरू होने के बाद नी व हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी रोबोट करेंगे। यह सुविधा देने वाला एम्स प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल हो सकता है। एम्स प्रबंधन ने करीब 18 से 20 करोड़ की रोबोटिक मशीन की खरीदी प्रक्रिया शुरू कर दी है। एम्स के चिकित्सकों का कहना है कि रोबोटिक नी व हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी का एक्यूरेसी रेट 99 फीसदी होता है। यही वजह है कि इस सेवा को शुरू करने के लिए बीते एक साल से प्रयास कर रहा है। केंद्र से प्रोजेक्ट को अनुमति मिलने के बाद इसमें तेजी आ गई है। जल्द ही इसकी शुरुआत होगी।
निजी अस्पतालों डेढ़ लाख से छह लाख तक खर्च
निजी अस्पतालों में रोबोटिक रिप्लेसमेंट सर्जरी का खर्च करीब डेढ़ लाख से छह लाख तक आता है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर लोग के पहुंच से यह बाहर थी। एम्स में सुविधा मिलने से ज्यादा लोग इस आधुनिक तकनीक का लाभ उठा सकेंगे। एम्स आयुषमान कार्ड वाले मरीजों को यह सुविधा मुफ्त मिलेगी।
यह होती है रोबोटिक सर्जरी
रोबोटिक सर्जरी कंप्यूटराइज्ड डिवाइस से की जाएगी, जो चिकित्सक के सहयोगी के रूप में काम करेगी। इसमें सर्जरी के दौरान चिकित्सक रोबोटिक सेटअप का रिमोट हाथ में पहनते हैं। इसमें लगे कैमरे और सेंसर रोबोट घुटने के सारे मूवमेंट और स्थिति को नोट कर उसकी थ्रीडी इमेज तैयार करते हैं। थ्रीडी इमेज के हिसाब से रोबोट सर्जरी का सटीक प्लान तैयार करता है। वह चिकित्सक को बताता है कि हड्डी कितनी खराब है, कितनी और किस जगह से काटने पर क्या परिणाम आ सकते हैं। आपरेशन एक विशेष कंसोल में बैठा सर्जन आपरेशन का काम संभालता है। सर्जन को आपरेशन करने वाली जगह का एक बड़ा 360 डिग्री दृश्य दिखता है। इसके अलावा साथ खड़ा चिकित्सक इस बात की जानकारी देता है कि उपकरण सही जगह पर जाकर अपना काम कर रहा है।