मध्य प्रदेश में तीन दिन से कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत मिली है। खास बात यह है कि प्रदेश के सबसे ठंडे शहरों में भी तापमान बढ़ा है। मध्य प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी का एक दिन में ही 3 डिग्री तापमान बढ़ गया है। जहां यहां एक दिन पहले न्यूनतम तापमान 3.3 दर्ज किया गया था वहीं गुरुवार-शुक्रवार की रात 6.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। इसी प्रकार प्रदेश के ज्यादातर शहरों का तापमान बढ़ा है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 3-4 दिन तक रात का टेम्प्रेचर 2 से 3 डिग्री तक बढ़ेगा। वहीं, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में कोहरा रहेगा। इसके बाद कड़ाके की ठंड का दौर फिर आएगा।
भोपाल में भी ठंड से थोड़ी राहत पारा 8.8 दर्ज
गौरतलब है कि इस सप्ताह पूरे प्रदेश में तेज सर्दी से थोड़ी राहत मिली है। कई शहरों के पारे ने उछाल आया है। गुरुवार-शुक्रवार की रात खजुराहो में 5.2 डिग्री तो वहीं पचमढ़ी में 6.4 डिग्री पारा रिकॉर्ड किया गया। बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में सबसे कम 8.6 डिग्री, भोपाल में 8.8 डिग्री, जबलपुर में 10.0 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और इंदौर में 12.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इसलिए बढ़ रहा तापमान
मौसम विभाग के सीनियर वैज्ञानिक वेद प्रकाश ने बताया कि पिछले सप्ताह पूरे प्रदेश में शीतलहर और कोल्ड डे की कंडीशन रही, जो दो-तीन दिन से खत्म हो गई है। इस कारण अगले तीन-चार दिन तक रात के तापमान में बढ़ोतरी रहेगी। जिससे ठंड का असर कम रहेगा। उत्तर भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। इसके गुजरने के बाद बर्फबारी होगी। जिससे उत्तरी हवाएं फिर से चलने लगेंगी। इसके बाद प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर फिर से आएगा। इस बार दिसंबर महीने में ही ठंड रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए।
जाने कब पड़ती है कड़ाके की ठंड
उत्तर के मैदानी इलाकों से जब ठंडी हवा और पहाड़ी इलाकों से बर्फीली हवा प्रदेश मे आती है, तब तेज ठंड पड़ती है। यह सब उत्तर भारत में पहुंचने वाले मौसमी सिस्टम वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण होता है। ऐसे में यदि जेट स्ट्रीम भी बन जाए तो सर्दी दोगुनी हो जाती है। इस बार यही हो रहा है। इस कारण अबकी बार पहले ही पखवाड़े में तेज सर्दी का दौर शुरू हो गया। अमूमन दिसंबर के दूसरे सप्ताह में तेज ठंड पड़ती है।