पिछले तीन दिनों से प्रदेश की राजधानी भोपाल में जारी बिल्डरों के यहां जांच में आयकर विभाग के हाथ बड़ा खजाना लगा है। गुरुवार रात दो बजे भोपाल के मेंडोरी गांव के जंगल में लावारिस खड़ी इनोवा कार से 42 करोड़ रुपये कीमत का 52 किलो सोना और 10 करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए। इनोवा कार एक खाली जगह खड़ी थी। यह राशि किसकी है, अब इसका पता लगाया जा रहा है।
अब तक किसी ने इस राशि व सोने पर दावा नहीं किया है। सोना व नकदी होने की खुफिया सूचना के बाद आयकर की टीम गुरुवार रात लगभग 1:30 से दो बजे के बीच मौके पर पहुंची थी। टीम ने लावारिस इनोवा क्रिस्टा को जब्त किया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आशंका है कि पूर्व मुख्य सचिव के करीबी बिल्डर राजेश शर्मा या आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा में से किसी एक का यह माल हो सकता है। अब पुलिस और आयकर की टीम संयुक्त रूप से सोना और कैश किसका है इसका पता लगा रही है? आशंका है कि आयकर विभाग की कार्रवाई से बचने के लिए ही यह माल वहां कार में छिपा कर रखा गया था।
तीन दिन से चल रही जांच
भोपाल में आईटी की टीम तीन दिन से बिल्डरों के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। वहीं, गुरुवार को लोकायुक्त ने आरटीओ के पूर्व आरक्षक के घर और दफ्तर पर छापामारी की थी। इन दोनों ही कार्रवाई का लिंक होने की बात भी अब कही जा रही है।
गाड़ी मालिक बोला कोई जानकारी नहीं
इस सोने और कैश पर अभी तक किसी ने दावा नहीं किया है। हालांकि, जांच में यह खुलासा हुआ है कि कार चेतन गौर नाम के व्यक्ति की है। वह ग्वालियर का निवासी है। बताया जा रहा है कि लोकायुक्त की छापमेारी में जिस पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा का नाम आया था, चेतन उसी का दोस्त है। हालांकि, आईटी की टीम को चेतन ने सोना और कैश के बारे में कोई जानकारी नहीं होने की बात कही है। हालांकि, एजेंसी अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं इसका कनेक्शन बिल्डरों और आरटीओ के पूर्व कॉस्टेबल सौरभ शर्मा के यहां चल रही लोकायुक्त कार्रवाई से तो नहीं है।
पुलिस ने दी आयकर टीम को सूचना
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार देर रात मेंडोरी गांव के कुछ लोगों ने पुलिस को सूचना दी की एक लावारिस इनोवा क्रिस्टा गाड़ी सूनसान जगह खड़ी है। गाड़ी लॉक है और उसमें छह से सात बैग रखे हैं। इसमें कैश होने के अंदेशा में आईटी की टीम को सूचित किया गया। इसके बाद कांच तोड़कर अंदर से बैग बाहर निकाले गए।
भोपाल और इंदौर में 51 जगह छापेमारी
आयकर विभाग की टीम पिछले तीन दिनों से भोपाल और इंदौर में 51 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी कर रही है। टीम ने 18 दिसंबर को त्रिशूल कंस्ट्रक्शन, क्वालिटी ग्रुप और ईशान ग्रुप के ठिकानों पर छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि त्रिशुल कंस्ट्रक्शन के राजेश शर्मा समेत अन्य ग्रुप के कर्ताधर्ता प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव और कुछ आईएएस अधिकारियों के करीबी हैं। इन बिल्डर के पास से भी 10 करोड़ नगदी जब्त किए गए और कई लॉकर मिल चुके हैं।
300 से 400 करोड़ की संपत्ति के दस्तावेज मिले
बिल्डरों के यहां छापों में 300 से 400 करोड़ रुपये की संपत्ति के कागज मिलने की बात कही जा रही है। वहीं, अब जांच महेंद्र गोयनका तक पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि राजेश शर्मा ने गोयनका का करोड़ों रुपये निवेश कराया है।
लोकायुक्त ने सौरभ शर्मा के घर मारा था छापा
वहीं, दूसरी तरफ से परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के अरेरा कॉलोनी स्थित घर पर गुरुवार को लोकायुक्त ने छापेमारी की। इसके पास से करोड़ो रुपये की संपत्ति के कागज और नगदी मिली है। सौरभ शर्मा के घर से टीम को 1.15 करोड़ रुपये नगदी, आधा किलो सोना, हीरे और 50 लाख रुपये की चांदी की सिल्लियां मिली है। उसके आफिस से ही 1.70 करोड़ रुपये नगद समेत जमीनों के दस्तावेज मिले हैं। साथ ही नोट गिनने की मशीनें भी मिली हैं। उसके तार हवाला कारोबार से भी जुड़े बताए जा रहे हैं। 12 साल नौकरी करने के बाद शर्मा बिल्डर बन गया। उसकी एक होटल और स्कूल में भी हिस्सेदारी के दस्तावेज मिले हैं। लोकायुक्त ने सौरभ के साथ ही चेतन सिंह गौर के ठिकानों पर भी छापेमारी की है। शर्मा के घर में कीमती झूमर, लग्जरी सामान लगा है। उसके घर के इंटीरियर डिजाइनिंग पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। उसकी प्रदेश के कई अधिकारियों और रसूखदारों से नजदीकियां हैं।अधिकारियो और नेताओं की कृपा से वह 12 साल में करोड़ों रुपये का आसामी बन गया।