गृह मंत्री अमित शाह द्वारा भीमराव अंबेडकर पर दिए बयान के बाद देशभर में सियासत गरमाई है, वहीं प्रदेश में भी विधानसभा से लेकर सड़क तक कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है। वहीं भाजपा भी जवाब दे रही है। इसी बीच एक नया मामला सामने आया है राजधानी भोपाल स्थित एशिया की पहला पत्रकारिता विश्वविद्यालय माखनलाल चतुर्वेदी (एमसीयू) में कुलगुरु दलित परिवार से बनाने की मांग उठी है। दरअसल नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में दलित समाज से कुलगुरु बनाने की मांग की है। प्रदेश में भीमराव आंबेडकर के ऊपर सियासत गरमाई हुई है, ऐसे में कांग्रेस के छात्र संगठन के द्वारा विश्वविद्यालय में दलित समाज से कुलगुरु बनाने की मांग को दरकिनार नहीं किया जा सकता।
एमसीयू में दलित शिक्षकों का हो रहा अपमान
NSUI प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने वीडियो जारी कर कहा कि वर्तमान में देश व प्रदेश में भाजपा सरकार दलितों व बाबा साहब का अपमान कर रही है, देश के सबसे बड़े पत्रकारिता के विश्वविद्यालय में लगातार दलित छात्रों व दलित शिक्षकों का अपमान किया जा रहा है। इस कठिन समय में दलित समाज के साथ कांग्रेस और एनएसयूआई सदैव खड़ी रहेगी। हमारी मांग है कि इस भेदभाव को दूर करने के लिए विश्वविद्यालय में दलित समाज से आने वाले योग्य व्यक्तित्व को कुलगुरु बनाया जाना चाहिए जिससे सामाजिक एकता का उदाहरण स्थापित हो सके ।
उपराष्ट्रपति और सीएम को लिखा पत्र
शुक्रवार को NSUI के प्रदेश सह सचिव अमन पठान ने देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ एवं माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के प्रभारी तनय शर्मा ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नाम पत्र भी लिखा है। प्रदेश सह सचिव अमन पठान ने कहा, सरकार लगातार पिछड़ों का अपमान करती आई है ऐसे में बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर जी के सम्मान में दलित समाज से कुलगुरु बनाना एक महत्वपूर्ण कदम होगा। हमें उम्मीद है कि उपराष्ट्रपति महोदय एवं मुख्यमंत्री महोदय हमारी जायज मांग पर ध्यान देंगे और बाबा साहब के सम्मान में उचित निर्णय लेंगे।