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प्यारे मियां केस: बेटी के शव का इंतजार करती रही मां, पुलिस ने करा दिया अंतिम संस्कार

Fri, 22 Jan 2021 06:53 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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मध्यप्रदेश पुलिस (सांकेतिक) - फोटो : फाइल
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मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित प्यारे मियां केस में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के हाथरस कांड जैसी अमानवीयता दिखा दी। दरअसल, नाबालिग लड़की की मां घर पर अपनी बेटी के शव का इंतजार करती रही, जबकि पुलिस ने भदभदा विश्राम घाट पर उसका अंतिम संस्कार करा दिया। बता दें कि हाथरस कांड में पुलिस व प्रशासन ने दुष्कर्म पीड़िता का शव परिजनों को नहीं सौंपा था। पुलिस ने सीधे युवती का अंतिम संस्कार कर दिया था।

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पुलिस ने ऐसे दिखाई ज्यादती

बता दें कि प्यारे मियां केस की पीड़िताओं में से एक नाबालिग युवती ने नींद की गोलियां खाकर अपनी जान दे दी। हमीदिया अस्पताल में दो दिन तक उसका इलाज चलता रहा, लेकिन उसे नहीं बचाया जा सका। अब इस मामले में मध्यप्रदेश पुलिस ने पीड़िता के परिजनों के साथ हाथरस दुष्कर्म कांड जैसी ज्यादती कर दी। पुलिस ने परिजनों को उनकी बेटी का शव घर नहीं ले जाने दिया। बता दें कि किशोरी की मौत के बाद पुलिस शव को हमीदिया अस्पताल से सीधे श्मशान घाट ले गई। इस दौरान पीड़िता की मां और परिजन घर पर बेटी के शव का इंतजार करते रहे, लेकिन पुलिस उन्हें शव सौंपना ही नहीं चाहती थी। 

ऐसे निपटा दिया गया मामला

जानकारी के मुताबिक, पीड़िता के चाचा और पिता ने बच्ची का शव घर ले जाने की जिद की। इस बीच बैरागढ़ एसडीएम मनोज उपाध्याय हमीदिया अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पीड़िता के परिजनों को दो लाख रुपये का चेक दिया। इसके बाद माहौल बिगड़ता देख हबीबगंज सीएसपी भूपेंद्र सिंह ने पिता और चाचा को शव वाहन में बैठाकर विश्राम घाट भेज दिया। वहीं, क्राइम ब्रांच की एक टीम पीड़िता के घर पहुंची और बच्ची की मां के साथ कुछ महिलाओं को विश्राम घाट ले आई।
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बालिका गृह की अधीक्षिका को नोटिस

बता दें कि नाबालिग पीड़िता की मौत के मामले की जांच एडीएम माया अवस्थी कर रही हैं। उन्होंने नेहरू नगर स्थित बालिका गृह की वर्तमान अधीक्षिका को नोटिस जारी किया है। साथ ही, स्टाफ के अन्य लोगों को भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। वहीं, राष्ट्रीय बाल आयोग ने भी इस मामले की जांच शुरू कर दी है। बता दें कि बालिका गृह की अधीक्षिका से छह महीने का रिकॉर्ड मांगा गया है, जिससे पता लगेगा कि बच्ची से कौन-कौन मिलने आया था। वहीं, राष्ट्रीय बाल आयोग की टीम भी जल्द ही मामले की जांच के लिए भोपाल जाएगी। 
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