राजधानी भोपाल में सड़क दुर्घटनाओं में हो रही लगातार वृद्धि और जनहानि को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। शुक्रवार से बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों को सभी पेट्रोल पंपों में पेट्रोल देने पर रोक रही। शहर में इसका असर देखने को मिला। सुबह कई पेट्रोल पंपों पर छूट देखने को मिली लेकिन जब अधिकारियों का दल निरीक्षण करना शुरू किया तो पंप संचालकों ने भी सख्ती दिखाई। और कई लोगों को बिना पेट्रोल वापस किया गया इस दौरान जिन लोगों के पास हेलमेट नहीं था वे दूसरे का हेलमेट मांग कर पेट्रोल लेते नजर आए।
दो सौ लोगों को लौटाया
पेट्रोल पंप के एक कर्मचारी ने बताया कि हम किसी को भी बिना हेलमेट पेट्रोल नहीं दे रहे हैं। सुबह से करीब दो सौ लोगों वापसा भेजा गया है। हमे आदेश है कि बिना हेलमेट किसी को पेट्रोल नहीं देना है।
192 पेट्रोल पंपों में 21 लाख लीटर की खपत
बता दें कि भोपाल में कुल 192 पेट्रोल पंप है। जहां हर रोज पेट्रोल और डीजल की खपत 21 लाख लीटर है। इनमें से आधी से ज्यादा पेट्रोल की खपत होती है। इन पर अब बिना हेलमेट के पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। यानी, मोटरसाइकिल चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य हो गया है।
सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना उद्देश्य
राजधानी में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने यह बड़ा कदम उठाया है। भोपाल कलेक्टर ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि अब शहर के किसी भी पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। यह आदेश राजधानी के सभी पेट्रोल पंपों पर लागू होगा।
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आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई
कलेक्टर की आदेश के मुताबिक इस फैसले का उद्देश्य ट्रैफिक नियमों के पालन को सुनिश्चित करना और सड़क हादसों में कमी लाना है। कलेक्टर ने पेट्रोल पंप संचालकों को चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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आईएसआई मार्क हेलमेट जरूरी
भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह के इस आदेश में लिखा है मध्य प्रदेश मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा-129 में स्पष्ट प्रावधान है कि प्रत्येक दो पहिया वाहन सवारी तथा वाहन चालक अनिवार्य रूप से आईएसआई. मार्क हेलमेट पहनेगा।