प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होने कहा है कि प्रदेश के महानगर और औद्योगिक नगरी इंदौर में थर्ड डिग्री की सिक्योरिटी होने के बावजूद इंदौर में गुंडागर्दी का आलम यह है कि वहां गुंडे सरेराह पुलिस के साथ अभद्रता और मारपीट कर उन्हें प्रताड़ित करने का अमानवीय और आपराधिक कृत्य कर रहे हैं।
प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल
पटवारी ने लिखा कि मप्र की औद्योगिक राजधानी इंदौर में बदमाशों ने पुलिस सब इंस्पेक्टर को पीट दिया! इस घटना ने एक बार फिर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठा दिया है। इसके पहले मध्य प्रदेश पुलिस पर हुए लगातार हमले भी प्रदेश की कानून व्यवस्था की पोल खोलते रहे हैं। प्रदेश में अपराधियों और माफियाओं का दुस्साहस इतना बढ़ गया है कि वे खुलेआम पुलिस पर हमला कर रहे हैं। पुलिसकर्मी स्वयं असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है।
पटवारी ने कुछ महीने की घटनाओं का पत्र में किया उल्लेख
1. इंदौर : एक नशे में धुत पुलिसकर्मी ने अपने ही वरिष्ठ अधिकारी पर थप्पड़ मार दिया।
2. मऊगंज : अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने गई पुलिस पर शराब तस्करों ने हमला कर दिया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए।
3. चंबल और अन्य क्षेत्र : बीते वर्ष में पुलिस पर 71 से अधिक हमले दर्ज हुए।
4. ग्वालियर : पुलिस चौकी के पास दो गुटों के झगड़े में पुलिस को भी निशाना बनाया गया।
5. बुरहानपुर : रेत माफियाओं ने पुलिस टीम पर हमला कर कई पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया।
6. भोपाल : स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के बेटे ने पुलिस के साथ बदसलूकी की।
7. झाबुआ/खरगोन : माफियाओं द्वारा पुलिस टीम पर लगातार हमले किए गए।
8. छतरपुर : एक आरोपी ने गिरफ्तारी के दौरान पुलिसकर्मियों पर ईंटों से हमला किया।
9. भोपाल : चोरी के मामले में पकड़े गए आरोपी ने पुलिस पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया और फरार हो गया।
10. शेष मध्य प्रदेश : विभिन्न क्षेत्रों में अपराधियों द्वारा पुलिस पर लगातार हमले किए गए, जिससे पुलिस का मनोबल गिरा है।
कार्रवाई नहीं हुई तो करेंगे आंदोलन
पटवारी ने लिखा कि इन घटनाओं से साफ है कि मध्य प्रदेश में अपराधियों का भय समाप्त हो चुका है और सरकार कानून व्यवस्था बनाए रखने में पूरी तरह विफल हो चुकी है। पुलिस प्रशासन पर लगातार हो रहे हमलों से यह भी स्पष्ट है कि प्रदेश में संगठित अपराधियों और माफियाओं को सरकार का संरक्षण प्राप्त है।गृह मंत्रालय कानून व्यवस्था पर नियंत्रण खो चुका है, ऐसे में पुलिस प्रशासन को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त किया जाए। पुलिस पर हमले के मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और ऐसे अपराधों के लिए कठोर कानून लागू किया जाए।आपसे आग्रह है कि अपने गृहमंत्री को तत्काल यह निर्देश दें कि प्रदेश की कानून व्यवस्था में सुधार करे या फिर ऐसे लापरवाह गृहमंत्री को तत्काल बर्खास्त करें! यदि सरकार शीघ्र आवश्यक कदम नहीं उठाती है, तो कांग्रेस पार्टी प्रदेश की जनता के साथ सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।