छह मंजिला निर्माणाधीन इमारत में चढ़ें नर्सिंग छात्र
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नर्सिंग परीक्षाओं, रिजल्ट, डिग्री और पंजीयन में हो रही देरी से नाराज छात्रों का आंदोलन बुधवार को अचानक उग्र हो गया। नर्सिंग काउंसिल भोपाल के सामने प्रदर्शन के दौरान तीन छात्र पास की छह मंजिला निर्माणाधीन इमारत पर चढ़ गए। छात्रों के आत्महत्या की कोशिश करने की आशंका से मौके पर हड़कंप मच गया। करीब आधे घंटे तक तीनों छात्र ऊपर रहे। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने मौके पर पहुंचकर समझाइश दी, जिसके बाद तीनों नीचे उतर आए। नर्सिंग छात्र संगठन एनएसओ की ओर से 8 अगस्त से नर्सिंग काउंसिल के सामने अनिश्चितकालीन धरना दिया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा, परिणाम, डिग्री और पंजीयन की प्रक्रिया में लगातार देरी के कारण उनका भविष्य करीब छह साल से अधर में है।
रिजल्ट से लेकर मान्यता तक, सात बड़ी मांगें
छात्रों की सबसे बड़ी मांग जीएनएम और बीएससी नर्सिंग के लंबित परिणाम तत्काल जारी करने और आगामी परीक्षाएं कराने की है। इसके साथ ही मान्यता और संबद्धता से जुड़े विवादों का समाधान कर छात्रों की डिग्री और पंजीयन प्रक्रिया पूरी करने की मांग की जा रही है। छात्रों ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के जीएनएम, बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग और पैरामेडिकल विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने की मांग की है। आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए भी पढ़ाई की छात्रवृत्ति योजना शुरू करने की मांग रखी गई है।
मेडिकल यूनिवर्सिटी से दोबारा संबद्धता की मांग
संगठन की मांग है कि नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेजों को क्षेत्रीय विश्वविद्यालयों से हटाकर दोबारा मेडिकल यूनिवर्सिटी जबलपुर से संबद्ध किया जाए। छात्रों का कहना है कि इससे नर्सिंग शिक्षा से जुड़े विवादों का समाधान बेहतर तरीके से हो सकेगा। इसके अलावा नर्सिंग शिक्षा में भ्रष्टाचार खत्म करने और फैकल्टी प्रबंधन व्यवस्था लागू करने की मांग भी की गई है, ताकि भविष्य में मान्यता, परीक्षा और अन्य मामलों को लेकर विवाद पैदा न हों।
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भूख हड़ताल की चेतावनी
छात्रों ने आंदोलन को भूख हड़ताल तक ले जाने की बात भी कही है। उनका कहना है कि लंबे समय से मांगें लंबित हैं और परीक्षा व रिजल्ट में देरी का सीधा असर उनके करियर पर पड़ रहा है। प्रदर्शन में मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और नर्सिंग काउंसिल के रजिस्ट्रार के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई है। बुधवार को तीन छात्रों के इमारत पर चढ़ने के बाद प्रशासन ने तत्काल हस्तक्षेप किया। समझाइश के बाद तीनों सुरक्षित नीचे आ गए, लेकिन नर्सिंग छात्रों का आंदोलन और उनकी मांगें अब भी जारी हैं।