भोपाल नगर निगम परिषद बैठक गुरुवार को निगम मुख्यालय में हुई, जो शुरू से ही हंगामे और आरोप-प्रत्यारोपों से घिरी रही। विपक्षी पार्षदों ने बस सेवा, उद्यानिकी विभाग की खरीदी, समग्र आईडी से नाम काटने, पार्षद निधि और स्वच्छता सर्वेक्षण जैसे मुद्दों पर नगर प्रशासन और “शहर सरकार” को कठघरे में खड़ा किया। नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने कई मामलों में पारदर्शिता की मांग की, जबकि भाजपा पार्षदों ने निगम के कामकाज को सही ठहराया।
बांदीखेड़ी जलापूर्ति योजना को मिली मंजूरी, विपक्ष ने जताई आपत्ति
सदन में ईएमसी 2.0 बांदीखेड़ी जलापूर्ति परियोजना का प्रस्ताव रखा गया। एमआईसी सदस्य रविंद्र यती ने प्रस्ताव पेश किया, जिसे भाजपा पार्षदों ने समर्थन देकर पारित कर दिया। हालांकि, कांग्रेस पार्षदों ने परियोजना को अधूरी और जल्दबाजी में लाई गई योजना बताते हुए विरोध किया। कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान ने कहा कि जब शहर के कई इलाकों में ही पेयजल संकट है, तो शहर से बाहर पानी देने की योजना कैसे उचित हो सकती है। नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने सवाल उठाया कि जब भूमि का आवंटन ही नहीं हुआ है, तो इतनी जल्दी में प्रस्ताव क्यों लाया जा रहा है? इसके बावजूद, बहुमत के आधार पर बांदीखेड़ी जलापूर्ति योजना को परिषद से मंजूरी दे दी गई।
शहर में केवल 60 बसें चल रहीं, पहले थीं 368
बस सेवा को लेकर कांग्रेस पार्षद गुड्डू चौहान ने बीसीएलएल (BCLL) के कामकाज पर सवाल उठाए। एमआईसी सदस्य मनोज राठौर ने बताया कि वर्तमान में भोपाल में केवल 60 बसें ही संचालित हैं, जबकि पहले 368 बसें चलती थीं। पहले जहां रोजाना डेढ़ लाख यात्री बसों से सफर करते थे, अब केवल 10 से 15 हजार यात्री ही रह गए हैं। उन्होंने कहा कि नई इलेक्ट्रिक बसें जल्द ही आएंगी। कमिश्नर संस्कृति जैन ने बताया कि अगले 30 से 40 दिनों में 40 नई बसें सड़कों पर उतरेंगी।
उद्यानिकी विभाग की खरीदी पर घिरा निगम प्रशासन
कांग्रेस पार्षद शमीम ने उद्यानिकी विभाग में खरीदी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाया। एमआईसी सदस्य अशोक वाणी ने बताया कि फरवरी में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद से कई काम कोटेशन के आधार पर कराए गए हैं। इस पर भाजपा पार्षद सुरेंद्र बाड़िका और पप्पू विलास घाड़गे ने भी आपत्ति जताई जब पार्षदों के छोटे कामों के लिए टेंडर निकाले जाते हैं, तो विभागीय कार्य कोटेशन से क्यों? नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने इसे संभावित वित्तीय अनियमितता बताते हुए जांच की मांग की। अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने कमिश्नर संस्कृति जैन को पूरे मामले की जांच कर अगली बैठक में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए।
समग्र आईडी पर बहस, KYC प्रक्रिया पर सवाल
कांग्रेस पार्षद नसीम गफूर ने समग्र आईडी से गरीबों के नाम हटाए जाने पर सवाल उठाया। एमआईसी सदस्य छाया ठाकुर ने कहा कि केवाईसी न होने के कारण नाम हटाए गए हैं। कमिश्नर संस्कृति जैन ने जानकारी दी कि सर्वे में समग्र आईडी की संख्या 28 लाख से 39 लाख तक पाई गई थी, इसलिए सत्यापन प्रक्रिया जारी है। अध्यक्ष सूर्यवंशी ने कहा कि शहर की आबादी से अधिक समग्र आईडी बनी हुई हैं, इसलिए डुप्लिकेट आईडी हटाने की प्रक्रिया जारी है।
पार्षद निधि और स्वच्छता सर्वेक्षण पर भी गरमाया माहौल
कांग्रेस पार्षद नसीम गफूर ने पार्षद निधि वितरण में भेदभाव का आरोप लगाया। एमआईसी सदस्य अशोक वाणी ने कहा कि वार्ड से मिलने वाले टैक्स के आधार पर निधि का निर्धारण किया गया है। इस पर विपक्ष ने नाराजगी जताई कि यदि ऐसा रहा तो वार्डों में विकास कार्य कैसे होंगे? इसी तरह, स्वच्छता सर्वेक्षण के कामों पर भी कई पार्षदों ने सवाल उठाए। भाजपा पार्षद ममता विश्वकर्मा ने कहा कि हमारे वार्डों में कोई काम नहीं हुआ।
डेप्युटेशन विवाद पर कांग्रेस-भाजपा पार्षद एकजुट
बैठक के दौरान डेप्युटेशन (प्रतिनियुक्ति) पर आए अधिकारियों के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा दोनों के पार्षद एकमत नजर आए। कांग्रेस पार्षद अजीज उद्दीन ने कहा कि कई अधिकारियों का ट्रांसफर हुए तीन महीने हो चुके हैं, फिर भी उन्हें रिलीव नहीं किया गया। अध्यक्ष सूर्यवंशी ने कमिश्नर को तत्काल व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए।
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हमीदउल्ला के मुद्दे पर हंगामा
बैठक की शुरुआत में नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी ने पिछली बैठक में बीजेपी पार्षद देवेंद्र भार्गव द्वारा उठाए गए हमीदिया अस्पताल, कॉलेज और स्कूल का नाम बदलने के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि पिछली बार सिर्फ कुछ शब्दों का प्रस्ताव था, लेकिन अध्यक्ष ने उसे तीन पेज का बना दिया। इस पर अध्यक्ष सूर्यवंशी और महापौर मालती राय ने कहा कि चर्चा के आधार पर प्रस्ताव में संशोधन किया गया था।
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बैठक के अन्य मुद्दे
- पार्षदों ने नगर निगम के
अधूरे हाउसिंग बोर्ड प्रोजेक्टों पर भी नाराजगी जताई।
- एमआईसी सदस्य आरके सिंह बघेल ने ऐसे कर्मचारियों को हटाने की मांग की जो 20 साल से नौकरी पर हैं लेकिन काम नहीं करते।
- सहायक यंत्री भर्ती में पारदर्शिता को लेकर बीजेपी पार्षद देवेंद्र भार्गव ने सवाल उठाए।
- पार्षदों ने कहा कि नगर निगम धर्मशाला नहीं है, प्रतिनियुक्ति प्रथा खत्म की जाए।