भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में छात्रवृत्ति को लेकर विवाद अब आंदोलन में बदल गया है। करीब 400 पैरामेडिकल छात्र काम से दूर हो गए हैं। हालांकि आज छुट्टी होने के कारण अस्पताल सेवाओं पर ज्यादा असर नहीं दिखा, लेकिन छात्रों ने साफ कर दिया है कि वे ड्यूटी पर नहीं आए हैं और आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों ने बताया कि सत्र 2023-24 और 2024-25 के छात्रवृत्ति फॉर्म भरने की अनुमति नहीं मिल रही है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे फीस जमा नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनकी पढ़ाई पर संकट खड़ा हो गया है।
आज काम बंद, कल बड़ा प्रदर्शन
छात्रों ने आज केवल काम बंद रखा है, लेकिन कल सतपुड़ा भवन का घेराव करने की तैयारी है। उनका कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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अस्पताल सेवाओं पर दिखेगा असर
पैरामेडिकल स्टाफ अस्पताल की जांच और इलाज से जुड़ा होता है। ऐसे में हड़ताल का असर आने वाले दिनों में मरीजों पर पड़ सकता है। जांच रिपोर्ट में देरी, ऑपरेशन में बाधा और पैथोलॉजी सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है।
पहले भी कर चुके हैं प्रदर्शन
सोमवार को छात्रों ने कॉलेज के एडमिन ब्लॉक के पास प्रदर्शन किया था, लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने हड़ताल का रास्ता चुना। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि यह मामला कॉलेज स्तर का नहीं है, बल्कि पैरामेडिकल काउंसिल के नियमों से जुड़ा है। इस संबंध में विभाग को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं और समाधान की कोशिश जारी है।
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छात्रों की मांग साफ
छात्र चाहते हैं कि उन्हें जल्द से जल्द छात्रवृत्ति फॉर्म भरने की अनुमति दी जाए, ताकि वे फीस जमा कर पढ़ाई जारी रख सकें। आज भले ही छुट्टी के कारण असर सीमित रहा, लेकिन कल के घेराव और लगातार काम बंद रहने से स्थिति गंभीर हो सकती है।