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Bhopal News: धर्मांतरण के बाद वापसी,भोपाल का युवक फिर बना हिंदू,गुफा मंदिर में हुए संस्कार

Mon, 08 Dec 2025 04:47 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

भोपाल के निवासी शुभम गोस्वामी ने दबाव और कथित धोखे के बाद गुफा मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ पुनः हिंदू धर्म अपनाया। घर-वापसी कार्यक्रम में मंत्री विश्वास सारंग मौजूद रहे, जबकि युवक ने जबरन धर्म परिवर्तन और पहचान बदलने के आरोप लगाए।
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शुभम की घर-वापसी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी भोपाल के जहांगीराबाद क्षेत्र के निवासी शुभम गोस्वामी ने सोमवार को धार्मिक विधि-विधानों के साथ पुनः हिंदू धर्म अपना लिया। कुछ समय पहले निजी संबंधों के चलते उन्होंने धर्म परिवर्तन किया था, लेकिन बाद में परिस्थितियां प्रतिकूल होने पर उन्होंने अपनी मूल आस्था में लौटने का निर्णय लिया। शुभम की घर-वापसी गुफा मंदिर परिसर में वैदिक रीति से कराई गई, जहां हवन, मुंडन, उपनयन, तिलक, कंठी-तुलसी धारण, गो-पूजन और गंगाजल से शुद्धिकरण के संस्कार संपन्न हुए। इस अवसर पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग भी मौजूद रहे।
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पहचान और नाम बदलने का दबाव बनाया
शुभम का कहना है कि धर्म परिवर्तन के बाद उनसे अपनी पहचान और नाम बदलने का दबाव बनाया गया और उन्हें अमन खान नाम से रहने को कहा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बदलाव उनकी मर्जी से नहीं, बल्कि परिस्थितियों और दबाव के चलते हुआ था। धार्मिक अनुष्ठान कराने वाले रामप्रवेश दास देवाचार्य महाराज ने कहा कि सनातन परंपरा में यदि कोई व्यक्ति वापस लौटना चाहता है तो उसके लिए शुद्धिकरण और संस्कारों की विधि है, जिसे विधिवत पूरा किया गया।

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मंत्री के जनदर्शन से शुरू हुई प्रक्रिया
बताया गया कि 29 नवंबर को शुभम मंत्री विश्वास सारंग के जनदर्शन में पहुंचे थे और अपनी आपबीती साझा की थी। मंत्री के अनुसार युवक ने जबरन धर्म परिवर्तन और दबाव के आरोप लगाए थे, जिस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को जेल भेजा है। शुभम ने बताया कि लगभग चार महीने तक वह इस्लामिक रीति-रिवाजों के अनुसार रहा, लेकिन हालात बिगड़ने पर उन्होंने मदद मांगी। कार्रवाई के बाद उन्होंने पुनः हिंदू धर्म अपनाने का फैसला किया।
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पहचान और रिश्ते छूटने का आरोप
शुभम के मुताबिक 2022 में एक युवती से परिचय के बाद परिस्थितियां बदलीं और धीरे-धीरे धर्म परिवर्तन का दबाव बढ़ता गया। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान उन्हें धमकियां मिलीं, वे जेल भी गए और लंबे समय तक अपने परिवार से दूर मुस्लिम बहुल इलाके में रहने को मजबूर हुए। नौकरी और पारिवारिक संबंध भी प्रभावित हुए घर-वापसी के बाद शुभम ने कहा कि यह केवल धर्म नहीं, बल्कि अपनी पहचान और आत्मसम्मान की वापसी है।
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