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Bhopal News: अकीदत के सजदों से सजा रमजान का तीसरा जुमा, अमन-ओ-अमान की मांगी दुआ, अब अलविदा जुमे की तैयारियां

Fri, 29 Mar 2024 02:54 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

जुमा की नमाज से पहले मस्जिदों में हुई तकरीरों में उलेमाओं ने गरीब और जरूरतमंद लोगों की फिक्र करने, त्योहार के जोश में होश बरकरार रखने और सब्र और सुकून के साथ इबादतें करने की हिदायत दी।
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नमाज करते अकीदतमंद। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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माह-ए-रमजान की खास इबादतों में जुमा (शुक्रवार) विशेष  उत्साह और रौनकें लेकर आया। इस पाक महीने का तीसरा जुमा अकीदत के साथ अदा किया गया। इसके साथ ही अगले सप्ताह अदा किए जाने वाले अलविदा जुमा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जुमा की नमाज से पहले मस्जिदों में हुई तकरीरों में उलेमाओं ने गरीब और जरूरतमंद लोगों की फिक्र करने, त्योहार के जोश में होश बरकरार रखने और सब्र और सुकून के साथ इबादतें करने की हिदायत दी। नमाज-ए-ख़ास अदा होने के बाद देश, दुनिया, अपने प्रदेश और शहर के लिए अमन ओ अमान की दुआएं की गईं।

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रमजान माह के तीसरे जुमा की नमाज जामा मस्जिद में अदा करने के लिए अकीदतमंदों ने समय से पहले ही चौक बाजार का रुख कर लिया था। समय पूर्व पहुंचकर मस्जिद के अंदर के हिस्से में जगह पाने की मशक्कत बरकरार थी। इस्लामी मान्यता के मुताबिक दिन के पांच वक्त की नमाज मुहल्ले की मस्जिद में, जुमा की नमाज जामा मस्जिद में और ईद की नमाज ईदगाह में पढ़ने की खास ताकीद की गई है। शहर की जरूरत के मुताबिक के अनुसार जामा मस्जिद में माकूल जगह न होने के चलते भोपाल में विभिन्न मस्जिदों में नमाज अदा की जाती है। 

एशिया की सबसे बड़ी मस्जिद कही जाने वाली ताजुल मसाजिद में नमाज ए जुमा में बड़ी तादाद में नमाजी जुटते हैं। इसी तरह ऐतिहासिक महत्व वाली मोती मस्जिद में भी नमाजियों की बड़ी संख्या मौजूद रहती है। इधर कामकाजी, दफतरी, मीडिया से जुड़े लोगों को सहूलियत देने के लिए एमपी नगर प्रेस कॉम्प्लेक्स की मस्जिद रब्बानी भी जुमा के दिन नमाजियों से भरी होती है।
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व्यस्त हैं तो यहां मिलेगी नमाज
पुराने शहर में ताजुल मसाजिद के पिछले हिस्से में कदीमी मस्जिद मौजूद है। यहां आम दिनों और जुमा की नमाज का वक्त इस तरह तय किया गया है कि कोई व्यक्ति अगर अपने किसी काम की व्यस्तता के चलते जुमा की नमाज में शामिल न हो पाए तो उसे इस मस्जिद में नमाज मिल जाती है। गोरतलब है कि मस्जिदों  के शहर भोपाल में हर मस्जिद में नमाज का वक्त अलग अलग तय है। जौहर की नमाज का वक्त शुरू होने करीब 12:55 बजे से यहां नमाज शुरू हो जाती हैं। 

उलेमाओं ने दिए संदेश
काजी ए शहर सैयद मुश्ताक अली नदवी, शहर मुफ्ती मोहम्मद अबुल कलाम खान कासमी और अन्य उलेमाओं ने शहर की अलग अलग मस्जिदों में नमाज ए जुमा अदा कराई। नमाज से पहले उलेमाओं ने अगले दिनों में शुरू होने वाली रमजान की खास रातों की विशेष इबादतों पर जोर दिया। उन्होंने अपनी जकात और फितरा भी समय पर अदा करने की ताकीद की, ताकि इस राशि से जरूरतमंद लोग अपनी त्योहारी तैयारियों आसानी से कर सकें। उलेमाओं ने कहा कि त्यौहार की खुशियों में सभी मजहब के लोगों को शरीक करें, ताकि समाज में एक बेहतर वातावरण बना रहे। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई काम न करें, जिससे किसी की कोई भावना आहत हो या किसी को कोई परेशानी हो।

अगले हफ्ते होगा अलविदा जुमा
माह ए रमजान का आखिरी जुमा भोपाल में छोटी ईद के रूप में मनाया जाता है। लोग इस दिन के लिए भी खास तौर से नए कपड़े और बाकी तैयारियां करते हैं। इस दिन की तैयारियों में जुटे लोग बाजार में दिखाई देने लगे हैं।

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